Noida में वेतन वृद्धि की मांग को लेकर हुए हिंसक श्रमिक प्रदर्शन के बाद Uttar Pradesh सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath के निर्देश पर एक उच्च-स्तरीय समिति का गठन किया गया है, जिसका उद्देश्य औद्योगिक अशांति को खत्म करना और हालात सामान्य करना है।
क्या है पूरा मामला?
गौतम बुद्ध नगर जिले में लंबे समय से लंबित वेतन संशोधन की मांग को लेकर श्रमिकों का विरोध प्रदर्शन चल रहा था। सोमवार को यह प्रदर्शन हिंसक हो गया, जब कई औद्योगिक इकाइयों के श्रमिक सड़कों पर उतर आए।
हिंसा और जाम से हालात बिगड़े
नोएडा के फेज-2, सेक्टर 60 और सेक्टर 84 इलाकों में प्रदर्शन के दौरान हिंसा की घटनाएं सामने आईं। प्रदर्शनकारियों ने वाहनों में आगजनी, तोड़फोड़ और पत्थरबाजी की।
इसके अलावा National Highway 9 India को जाम कर दिया गया, जिससे यातायात बुरी तरह प्रभावित हुआ। दिल्ली-नोएडा बॉर्डर पर लंबा ट्रैफिक जाम देखने को मिला और हजारों यात्री फंस गए।
कमेटी का गठन और जिम्मेदारी
सरकार द्वारा गठित इस हाई-लेवल कमेटी की अध्यक्षता औद्योगिक विकास आयुक्त करेंगे। इसमें अतिरिक्त मुख्य सचिव (MSME), प्रधान सचिव (श्रम एवं रोजगार) समेत कई वरिष्ठ अधिकारी शामिल हैं।
इसके साथ ही समिति में श्रमिक संघों के 5 प्रतिनिधि और औद्योगिक संगठनों के 3 प्रतिनिधि भी शामिल किए गए हैं, ताकि सभी पक्षों के बीच संवाद स्थापित किया जा सके।
क्या होगा आगे?
यह समिति मौके पर पहुंचकर पूरे मामले की जांच करेगी और जल्द ही सरकार को अपनी रिपोर्ट सौंपेगी। इसका मुख्य उद्देश्य श्रमिकों की समस्याओं का समाधान निकालना और औद्योगिक क्षेत्र में शांति बहाल करना है।
क्यों अहम है यह फैसला?
यह कदम सिर्फ जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि सरकार का लक्ष्य श्रमिकों और उद्योगपतियों के बीच संतुलन बनाकर लंबे समय तक औद्योगिक स्थिरता बनाए रखना है।
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