ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर कड़ा रुख अपनाया है। ट्रंप ने साफ शब्दों में कहा है कि ईरान के साथ कोई समझौता नहीं किया जाएगा और उसे बिना शर्त आत्मसमर्पण करना होगा।ट्रंप का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान के कई ठिकानों पर लगातार हमले किए जा रहे हैं। इसके जवाब में ईरान ने भी क्षेत्र में अमेरिकी और इजराइली ठिकानों पर पलटवार तेज कर दिया है।अमेरिकी राष्ट्रपति ने यह भी कहा कि ईरान के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई के बाद उनके बेटे मोजतबा खामेनेई को नया सर्वोच्च नेता बनाए जाने का फैसला अमेरिका के लिए स्वीकार्य नहीं होगा।मध्य पूर्व में बढ़ते इस संघर्ष के कारण क्षेत्र में लगातार सातवें दिन भी सैन्य टकराव जारी है। रिपोर्टों के अनुसार, पिछले कुछ दिनों में ईरान में इस युद्ध में 1,200 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि लेबनान में 70 से अधिक और इजराइल में लगभग एक दर्जन लोगों की जान गई है।इसी बीच ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेज़ेश्कियन ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कहा कि कुछ देशों ने इस संघर्ष को खत्म करने के लिए मध्यस्थता की कोशिश शुरू कर दी है। उन्होंने कहा कि ईरान क्षेत्र में स्थायी शांति चाहता है, लेकिन अपने राष्ट्र की संप्रभुता और सम्मान की रक्षा करने से पीछे नहीं हटेगा।वहीं, ईरान ने अमेरिका और इजराइल के कई सैन्य ठिकानों पर नए सिरे से हमले किए हैं। इसके अलावा, ईरान समर्थित हिजबुल्ला लड़ाकों और इजराइल के बीच भी संघर्ष तेज हो गया है।इस बढ़ते युद्ध का असर अब वैश्विक स्तर पर भी दिखाई देने लगा है। तेल आपूर्ति प्रभावित हो रही है और अंतरराष्ट्रीय हवाई यात्रा भी बुरी तरह प्रभावित हुई है। अधिकारियों के मुताबिक इस संघर्ष में अब तक ईरान में लगभग 1,230, लेबनान में 120 से अधिक और इजराइल में करीब एक दर्जन लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि एक ड्रोन हमले में छह अमेरिकी सैनिक भी मारे गए हैं।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह संघर्ष जल्द नहीं रुका तो इसका असर पूरे मध्य पूर्व और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ सकता है।

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