हर साल 17 मई को World Hypertension Day मनाया जाता है, ताकि लोगों को हाई ब्लड प्रेशर यानी हाइपरटेंशन के प्रति जागरूक किया जा सके। हेल्थ एक्सपर्ट्स के अनुसार हाई बीपी आज तेजी से बढ़ती गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं में शामिल हो चुका है और इसे “Silent Killer” भी कहा जाता है, क्योंकि कई लोगों को लंबे समय तक इसके लक्षण पता ही नहीं चलते।
भारत में करीब 33 प्रतिशत शहरी और 25 प्रतिशत ग्रामीण आबादी हाई ब्लड प्रेशर की समस्या से प्रभावित है। सबसे चिंता की बात यह है कि 60 से 70 फीसदी लोगों को तब तक पता नहीं चलता जब तक स्थिति गंभीर न हो जाए।
क्या है हाई ब्लड प्रेशर?
जब लंबे समय तक धमनियों पर खून का दबाव सामान्य से ज्यादा बना रहता है, तो उसे हाई ब्लड प्रेशर या हाइपरटेंशन कहा जाता है। सामान्य ब्लड प्रेशर 120/80 mmHg माना जाता है। अगर यह लगातार बढ़ा रहे, तो हार्ट अटैक, स्ट्रोक और किडनी की बीमारी का खतरा बढ़ सकता है।
हाई BP बढ़ने के मुख्य कारण
हेल्थ एक्सपर्ट्स के मुताबिक कई कारण हाई बीपी के लिए जिम्मेदार हो सकते हैं, जैसे:
फैमिली हिस्ट्री
बढ़ती उम्र
अनहेल्दी लाइफस्टाइल
ज्यादा नमक और सोडियम का सेवन
मोटापा
धूम्रपान और शराब
तनाव और खराब नींद
इसके अलावा किडनी की बीमारी, हार्मोनल समस्या और कुछ दवाओं के अधिक सेवन से भी ब्लड प्रेशर बढ़ सकता है।
हाई ब्लड प्रेशर के लक्षण
अक्सर हाई बीपी के लक्षण शुरुआत में दिखाई नहीं देते, लेकिन कुछ संकेतों को नजरअंदाज नहीं करना चाहिए:
बहुत ज्यादा पसीना आना
बेचैनी और घबराहट
लगातार तनाव महसूस होना
नींद की समस्या
चक्कर आना
चिड़चिड़ापन
अगर ये लक्षण लगातार दिखाई दें, तो तुरंत डॉक्टर से जांच करानी चाहिए।
हाई BP को कैसे करें कंट्रोल?
हाई ब्लड प्रेशर को पूरी तरह खत्म नहीं किया जा सकता, लेकिन सही लाइफस्टाइल अपनाकर इसे कंट्रोल में रखा जा सकता है।
अपनाएं ये जरूरी उपाय:
खाने में नमक कम करें
रोजाना एक्सरसाइज करें
वजन कंट्रोल रखें
धूम्रपान और शराब से दूरी बनाएं
तनाव कम करें
नियमित बीपी चेक कराएं
डॉक्टरों का कहना है कि जिन लोगों को हाई बीपी की दवा दी गई है, उन्हें बिना सलाह दवा बंद नहीं करनी चाहिए। अचानक दवा छोड़ने से हार्ट अटैक और स्ट्रोक का खतरा बढ़ सकता है।
स्वस्थ जीवनशैली और समय पर जांच ही हाई ब्लड प्रेशर से बचाव का सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है।
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