पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और वैश्विक तेल संकट के बीच देश में ईंधन बचाने की मुहिम तेज होती नजर आ रही है। प्रधानमंत्री Narendra Modi की मितव्ययिता और ईंधन संरक्षण की अपील के बाद महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री Devendra Fadnavis पुणे से बेंगलुरु के लिए IndiGo की इकोनॉमी क्लास फ्लाइट में सफर करते दिखाई दिए।
मुख्यमंत्री फडणवीस का यह कदम प्रधानमंत्री मोदी की उस अपील के बाद सामने आया है, जिसमें उन्होंने देशवासियों से अनावश्यक ईंधन खपत कम करने और आर्थिक अनुशासन अपनाने की बात कही थी। इसे सरकार की “Fuel Saving Campaign” का एक बड़ा प्रतीकात्मक संदेश माना जा रहा है।
प्रधानमंत्री मोदी ने 11 मई को गुजरात के वडोदरा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए कहा था कि पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष का असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ सकता है। उन्होंने नागरिकों से पेट्रोल-डीजल की बचत करने, गैर-जरूरी विदेश यात्राओं से बचने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल को बढ़ावा देने की अपील की थी।
प्रधानमंत्री ने यह भी सुझाव दिया था कि जहां संभव हो वहां Work From Home, ऑनलाइन क्लास और वर्चुअल मीटिंग जैसी व्यवस्थाओं को फिर से अपनाया जाए, ताकि ईंधन की खपत कम हो सके। उन्होंने कहा था कि भारत को विदेशी मुद्रा बचाने और तेल आयात पर दबाव कम करने के लिए सामूहिक प्रयास करने होंगे।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, प्रधानमंत्री मोदी ने खुद भी अपने काफिले का आकार छोटा किया है और सरकारी कामों में इलेक्ट्रिक वाहनों के इस्तेमाल को बढ़ावा देने के निर्देश दिए हैं। वहीं कई सरकारी विभाग और निजी कंपनियां भी ईंधन संरक्षण को लेकर नए कदमों पर विचार कर रही हैं।
इधर विपक्ष ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया दी है। Sharad Pawar और महाराष्ट्र महा विकास अघाड़ी के नेताओं ने कहा कि मितव्ययिता की शुरुआत सत्ता में बैठे लोगों से होनी चाहिए। विपक्ष ने बढ़ती ईंधन कीमतों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल भी उठाए।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि वैश्विक स्तर पर तेल संकट गहराता है, तो भारत में ईंधन बचत और आर्थिक अनुशासन आने वाले समय में बड़ी जरूरत बन सकते हैं।
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