Tuesday, June 30, 2026
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लखनऊ जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक: निवेश मित्र के 40 लंबित मामलों पर डीएम विशाख सख्त, औद्योगिक विकास और निर्यात को मिलेगी नई रफ्तार

लखनऊ, 30 जून 2026। राजधानी लखनऊ में आयोजित जिला उद्योग बन्धु समिति की बैठक में औद्योगिक विकास, निवेशकों की समस्याओं के समाधान और निर्यात को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। जिलाधिकारी विशाख की अध्यक्षता में सम्पन्न हुई इस बैठक में निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित मामलों की समीक्षा से लेकर औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत समस्याओं, जल निकासी, सड़क निर्माण और निर्यात संवर्धन तक विभिन्न विषयों पर विस्तृत चर्चा हुई।

बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट कहा कि औद्योगिक निवेश तभी बढ़ेगा जब निवेशकों को समयबद्ध सेवाएं, मजबूत आधारभूत सुविधाएं और पारदर्शी प्रशासनिक सहयोग मिलेगा। उन्होंने सभी विभागों को लंबित मामलों का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित करने और आपसी समन्वय के साथ कार्य करने के निर्देश दिए।


निवेश मित्र पोर्टल के 40 लंबित मामलों की समीक्षा, विभागों को मिली समय-सीमा

बैठक का सबसे महत्वपूर्ण विषय निवेश मित्र पोर्टल पर लंबित 40 प्रकरणों की समीक्षा रहा। विभागवार समीक्षा में सामने आया कि कई आवेदन अब भी विभिन्न विभागों में लंबित हैं, जबकि कुछ विभागों ने अपने स्तर पर उल्लेखनीय प्रगति दर्ज की है।

यूपीसीडा, विद्युत विभाग और लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) के अधिकारियों ने बताया कि उनके स्तर पर कई मामलों का निस्तारण किया जा चुका है। इसके बावजूद जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि किसी भी आवेदन को अनावश्यक रूप से लंबित न रखा जाए।

उन्होंने कहा कि प्रत्येक विभाग निर्धारित समय-सीमा के भीतर आवेदन का निस्तारण सुनिश्चित करे, ताकि निवेशकों का विश्वास मजबूत हो और नई औद्योगिक परियोजनाओं को समय पर स्वीकृति मिल सके।


निवेशकों का भरोसा बढ़ाने पर प्रशासन का विशेष जोर

बैठक के दौरान यह भी स्पष्ट किया गया कि प्रदेश सरकार की औद्योगिक नीतियों का वास्तविक लाभ तभी मिलेगा, जब निवेशकों को तेज, पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासनिक व्यवस्था उपलब्ध कराई जाएगी।

जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि निवेश संबंधी प्रत्येक आवेदन की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और यदि किसी विभाग के स्तर पर तकनीकी अथवा प्रशासनिक बाधा आती है तो उसका समाधान समन्वय स्थापित कर तत्काल किया जाए।

उन्होंने कहा कि लखनऊ जैसे तेजी से विकसित हो रहे औद्योगिक जिले में निवेशकों की संतुष्टि भविष्य के निवेश को सीधे प्रभावित करती है। इसलिए किसी भी स्तर पर अनावश्यक विलंब स्वीकार नहीं किया जाएगा।


अमौसी, नादरगंज और सरोजनी नगर की आधारभूत समस्याओं पर हुई विस्तृत चर्चा

बैठक में अमौसी, नादरगंज और सरोजनी नगर औद्योगिक क्षेत्रों की समस्याओं को प्राथमिकता के साथ उठाया गया। उद्यमियों ने इन क्षेत्रों में आधारभूत सुविधाओं को और बेहतर बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

यूपीसीडा के प्रतिनिधि ने जानकारी दी कि भूमिगत डक्ट निर्माण के लिए विद्युत विभाग से प्राप्त लागत अनुमान मुख्यालय भेज दिया गया है। प्रस्ताव को स्वीकृति मिलने के बाद निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा।

जिलाधिकारी ने कहा कि आधारभूत सुविधाओं का विकास औद्योगिक निवेश का सबसे महत्वपूर्ण आधार है। उन्होंने संबंधित विभागों को परियोजनाओं में तेजी लाने तथा स्वीकृति प्रक्रिया को समयबद्ध बनाने के निर्देश दिए।


जल निकासी की समस्या के स्थायी समाधान की दिशा में बढ़े कदम

मानसून के दौरान जलभराव औद्योगिक इकाइयों के संचालन को प्रभावित करता है। इसी को देखते हुए बैठक में जल निकासी व्यवस्था पर विशेष चर्चा हुई।

नगर निगम, यूपीसीडा और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) को संयुक्त निरीक्षण कर विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के बाद शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा ताकि स्थायी समाधान सुनिश्चित किया जा सके।

जिलाधिकारी ने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में जलभराव केवल एक स्थानीय समस्या नहीं है, बल्कि यह उत्पादन, परिवहन और निवेश—तीनों को प्रभावित करता है। इसलिए इस दिशा में त्वरित कार्रवाई आवश्यक है।


डीवीके प्लास्टिक प्रोडक्ट्स क्षेत्र में जलभराव हटाने का कार्य जारी

अमौसी औद्योगिक क्षेत्र स्थित मेसर्स डीवीके प्लास्टिक प्रोडक्ट्स और रुस्तम विहार कॉलोनी में जलभराव की समस्या पर भी अधिकारियों ने रिपोर्ट प्रस्तुत की।

नगर निगम ने बताया कि प्रभावित क्षेत्रों में मशीनों की सहायता से लगातार पानी निकाला जा रहा है। साथ ही स्थायी ड्रेनेज व्यवस्था विकसित करने की योजना पर भी कार्य किया जा रहा है ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो।


तालकटोरा औद्योगिक क्षेत्र की सड़क परियोजना का होगा दोबारा सर्वे

राजकीय औद्योगिक आस्थान तालकटोरा में सड़क निर्माण कार्य को लेकर उद्यमियों के बीच उत्पन्न मतभेदों पर भी बैठक में चर्चा हुई।

जिलाधिकारी ने मुख्य विकास अधिकारी की अध्यक्षता में गठित समिति को निर्देश दिया कि पूरे क्षेत्र का पुनः सर्वे कराया जाए और सभी संबंधित पक्षों से चर्चा के बाद ऐसा समाधान निकाला जाए, जिससे सड़क निर्माण कार्य बिना किसी विवाद के पूरा हो सके।

उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में बेहतर सड़क नेटवर्क निवेश, परिवहन और व्यापारिक गतिविधियों को गति देने के लिए अत्यंत आवश्यक है।


इस बैठक के प्रमुख निर्णय

  • निवेश मित्र पोर्टल के 40 लंबित मामलों का शीघ्र निस्तारण।
  • विभागों को तय समय-सीमा में कार्रवाई के निर्देश।
  • अमौसी, नादरगंज और सरोजनी नगर की आधारभूत सुविधाओं में सुधार।
  • जल निकासी के लिए नगर निगम, यूपीसीडा और एनएचएआई का संयुक्त निरीक्षण।
  • तालकटोरा सड़क निर्माण परियोजना का दोबारा सर्वे।
  • निवेशकों को पारदर्शी और समयबद्ध सेवाएं उपलब्ध कराने पर जोर।

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