मुंबई से शुक्रवार शाम एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जहां गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे एक पर्यटक बस में अचानक आग लग गई। बस में आग लगते ही मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। देखते ही देखते बस से तेज धुआं निकलने लगा और कुछ ही समय में पूरा वाहन आग की लपटों में घिर गया। हालांकि राहत की बात यह रही कि बस में सवार सभी पांच यात्री और ड्राइवर समय रहते सुरक्षित बाहर निकल गए और किसी के हताहत होने की खबर नहीं है।
जानकारी के मुताबिक, यह घटना शुक्रवार शाम गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे हुई। पर्यटक बस सामान्य रूप से वहां से गुजर रही थी, तभी अचानक बस के अंदर से धुआं निकलता दिखाई दिया। शुरुआत में यात्रियों और ड्राइवर को कुछ समझ नहीं आया, लेकिन कुछ ही पलों में धुआं बढ़ने लगा और आग ने बस को अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया।
बस में आग लगने की जानकारी मिलते ही ड्राइवर ने तुरंत सतर्कता दिखाई। उसने बस को रोककर यात्रियों को बाहर निकलने के लिए कहा। आग तेजी से फैल रही थी, ऐसे में यात्रियों ने बिना समय गंवाए बस से बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि बस में कुल पांच यात्री और ड्राइवर मौजूद थे और सभी सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे।
आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में पर्यटक बस पूरी तरह आग की लपटों से घिरती नजर आई। मेट्रो स्टेशन के नीचे बस में आग लगने की वजह से आसपास मौजूद लोगों में भी दहशत फैल गई। सड़क पर मौजूद लोगों ने भी घटना को देखा और तुरंत इसकी सूचना संबंधित अधिकारियों को दी।
घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मियों ने आग पर काबू पाने की कोशिश शुरू की और काफी मशक्कत के बाद आग को बुझाया गया। इस दौरान इलाके में कुछ समय के लिए हलचल बढ़ गई और मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई।
शुरुआती जानकारी के अनुसार बस में आग लगने की वजह तकनीकी खराबी बताई जा रही है। हालांकि आग वास्तव में किस हिस्से में लगी और इसकी शुरुआत कैसे हुई, इसका पता जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम घटना के कारणों की जांच कर रही है।
ऐसी घटनाओं में सबसे बड़ा खतरा यह होता है कि वाहन में आग लगने के बाद यात्रियों को बाहर निकलने के लिए बहुत कम समय मिलता है। इस मामले में ड्राइवर की सतर्कता और यात्रियों की समय पर प्रतिक्रिया की वजह से बड़ा हादसा टल गया। अगर आग तेजी से फैलने के बावजूद यात्री बस के अंदर फंसे रहते, तो स्थिति बेहद गंभीर हो सकती थी।
मुंबई जैसे व्यस्त महानगर में सार्वजनिक और पर्यटक वाहनों की सुरक्षा बेहद महत्वपूर्ण है। खासकर गर्मी, लगातार चलने वाले इंजन और इलेक्ट्रिकल सिस्टम में खराबी जैसी वजहों से वाहनों में आग लगने का खतरा बना रहता है। इसलिए बसों की नियमित तकनीकी जांच और जरूरी सुरक्षा उपकरणों की उपलब्धता बेहद जरूरी हो जाती है।
इस घटना के बाद यह भी सवाल उठता है कि पर्यटक बसों की फिटनेस और तकनीकी स्थिति की नियमित जांच कितनी प्रभावी तरीके से की जा रही है। हालांकि अभी तक आग लगने के पीछे तकनीकी खराबी की बात सामने आई है, लेकिन जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट तस्वीर सामने आएगी।
फिलहाल इस घटना में किसी यात्री या ड्राइवर के घायल होने की जानकारी नहीं है। पांचों यात्री और ड्राइवर सुरक्षित हैं, जो इस पूरे हादसे में सबसे बड़ी राहत की बात है। पुलिस और फायर ब्रिगेड की जांच के बाद आग लगने की वास्तविक वजह सामने आने की उम्मीद है।
कुल मिलाकर गोरेगांव ईस्ट मेट्रो स्टेशन के नीचे पर्यटक बस में लगी आग ने कुछ देर के लिए पूरे इलाके में हड़कंप मचा दिया। बस अचानक आग की लपटों में घिर गई, लेकिन समय रहते सभी यात्रियों और ड्राइवर के बाहर निकल जाने से बड़ा हादसा टल गया। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि आखिर बस में आग किस तकनीकी खराबी के कारण लगी और क्या वाहन की सुरक्षा जांच में किसी तरह की कमी रह गई थी।
![]()

