फिरोजाबाद। शिकोहाबाद थाना क्षेत्र में चार साल पहले हुए सनसनीखेज हत्याकांड में अदालत ने बड़ा फैसला सुनाया है। एडीजे-7 जितेंद्र गुप्ता की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए आजीवन कारावास और कुल 3.50 लाख रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई है।
2022 में हुई थी खौफनाक वारदात
यह घटना 21 मार्च 2022 की है, जब मोहल्ला पड़ाव, लाला की सराय निवासी मोहम्मद साबिर के घर में घुसकर आरोपियों ने हमला किया था।
आरोपी मोहम्मद सलीम और शानू ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला करते हुए साबिर की पत्नी संजीदा की हत्या कर दी, जबकि उनकी बेटी सिम्मी और भतीजा अकील गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अकील ने भी अस्पताल पहुचने से पहले दम तोड़ दिया था ।
घटना के बाद पीड़ित के पति की तहरीर पर थाना शिकोहाबाद में हत्या और जानलेवा हमले की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था।
पुलिस की मजबूत पैरवी से मिली सजा
एसएसपी सौरभ दीक्षित के अनुसार, पुलिस ने मामले में पुख्ता साक्ष्य और गवाह अदालत में पेश किए। इन्हीं के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई।
साथ ही दोनों दोषियों पर 1.75-1.75 लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया गया।
दरवाजे के विवाद ने लिया खौफनाक रूप
जांच में सामने आया कि यह पूरी वारदात एक मामूली दरवाजे के विवाद से शुरू हुई थी, जिसने हिंसक रूप ले लिया।
21 मार्च 2022 की शाम करीब 6:15 बजे अचानक मोहल्ले में चीख-पुकार मच गई। उस समय मोहम्मद साबिर अपने बेटे के साथ दुकान पर थे। सूचना मिलते ही उन्हें पता चला कि उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है और बेटी व भतीजा गंभीर हालत में हैं।
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी और गढ़ैया बाजार की दुकानें तत्काल बंद हो गई थीं।
मुठभेड़ में पकड़ा गया था आरोपी
वारदात के बाद फरार हुए मुख्य आरोपी सलीम को पुलिस ने भूड़ा नहर पुल के पास मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार किया था। इस दौरान उसके पैर में गोली भी लगी थी।
निष्कर्ष
चार साल बाद आए इस फैसले ने पीड़ित परिवार को न्याय दिलाया है। साथ ही यह संदेश भी दिया है कि गंभीर अपराधों में कानून से बच पाना संभव नहीं है।
![]()

