32 मामले, 50 हजार रुपये का इनाम और कई महीनों से फरारी… लखनऊ में प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के मामलों में वांटेड आरोपी राहुल श्रीवास्तव को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। उत्तर प्रदेश STF ने उसे महाराष्ट्र के ठाणे से गिरफ्तार किया है। आरोप है कि वह जमीन के नाम पर ग्राहकों से पैसे लेने के बाद उन्हें प्लॉट का कब्जा नहीं देता था। लेकिन लखनऊ से फरार होने के बाद वह ठाणे कैसे पहुंचा, और वहां क्या कर रहा था? आइए जानते हैं इस पूरे मामले की जानकारी।
उत्तर प्रदेश STF के मुताबिक, राहुल श्रीवास्तव लखनऊ में धोखाधड़ी और प्रॉपर्टी से जुड़े कई मामलों में वांटेड चल रहा था। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित था। पुलिस को उसकी लंबे समय से तलाश थी। बताया गया है कि लखनऊ से फरार होने के बाद वह कई महीनों से महाराष्ट्र के ठाणे में छिपकर रह रहा था।
STF को मुखबिर से आरोपी के ठिकाने के बारे में सूचना मिली। इसके बाद टीम ने उसकी लोकेशन ट्रेस की और ठाणे में कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तारी के बाद अब जांच एजेंसियां उससे जुड़े मामलों और कथित लेन-देन की पड़ताल कर रही हैं।
पुलिस के अनुसार, राहुल पर जमीन और प्लॉट के कारोबार के नाम पर धोखाधड़ी करने के आरोप हैं। आरोप है कि वह किसानों से जमीन खरीदता था और उस पर लेआउट तैयार करता था। इसके बाद ग्राहकों को प्लॉट बेचने के नाम पर उनसे पैसे लिए जाते थे। लेकिन शिकायतों के मुताबिक, रकम लेने के बाद ग्राहकों को प्लॉट का कब्जा नहीं दिया जाता था।
इस तरह के मामलों में सबसे अहम सवाल यह होता है कि जमीन की खरीद, लेआउट तैयार करने, ग्राहकों से रकम लेने और कब्जा देने की प्रक्रिया में वास्तव में क्या हुआ। पुलिस अब कथित धोखाधड़ी के अलग-अलग मामलों में दस्तावेजों और लेन-देन से जुड़े तथ्यों की जांच कर सकती है।
दी गई जानकारी के मुताबिक, राहुल श्रीवास्तव के खिलाफ कुल 32 मामले दर्ज होने की बात सामने आई है। हालांकि, हर मामले की धाराएं, शिकायतकर्ताओं की संख्या और कथित नुकसान की कुल रकम का विस्तृत ब्योरा यहां उपलब्ध नहीं है। इसलिए इन सभी मामलों को एक ही तरह की घटना मानना उचित नहीं होगा। प्रत्येक मामले में आरोप और सबूत अलग-अलग हो सकते हैं।
जांच से जुड़ी जानकारी में यह भी सामने आया है कि आरोपी महाराष्ट्र में अपने एक दोस्त के साथ प्रॉपर्टी का कारोबार कर रहा था। अब जांच में यह स्पष्ट करना महत्वपूर्ण होगा कि ठाणे में उसका कारोबार किस तरह चल रहा था और क्या उसका संबंध लखनऊ में दर्ज मामलों से था। इस संबंध में अंतिम निष्कर्ष जांच और उपलब्ध दस्तावेजों के आधार पर ही निकाला जा सकेगा।
STF की इस गिरफ्तारी के बाद लखनऊ में दर्ज प्रॉपर्टी धोखाधड़ी के मामलों की जांच को आगे बढ़ाने का रास्ता खुल सकता है। पुलिस आरोपी से कथित लेन-देन, जमीन के दस्तावेजों और फरारी के दौरान उसके ठिकानों के बारे में पूछताछ कर सकती है।
फिलहाल, राहुल श्रीवास्तव पर लगे आरोपों की न्यायिक प्रक्रिया बाकी है। गिरफ्तारी अपने आप में दोष सिद्ध होने का प्रमाण नहीं है। मामले में आगे की जानकारी पुलिस की जांच और अदालत की कार्यवाही के बाद सामने आएगी।
32 मामलों और 50 हजार रुपये के इनाम से जुड़ा यह मामला एक बार फिर जमीन और प्लॉट खरीदते समय दस्तावेजों की जांच, स्वामित्व की पुष्टि और कब्जे की शर्तों को स्पष्ट रखने की अहमियत सामने लाता है।
![]()

