हैदराबाद स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी (SVPNPA) से सामने आए एक चर्चित मामले ने नया मोड़ ले लिया है। एक ओर जहां एक महिला IPS प्रोबेशनर ने अपने साथी ट्रेनी अधिकारी पर गंभीर आरोप लगाए हैं, वहीं दूसरी ओर आरोपी ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी के कथित सुसाइड नोट ने इस पूरे मामले को और अधिक चर्चा में ला दिया है।
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, महिला IPS प्रोबेशनर ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हुए आरोप लगाया कि उदय कृष्ण रेड्डी ने उनका पीछा किया, उनके साथ मारपीट की, धमकियां दीं और उनकी अनुमति के बिना निजी वीडियो रिकॉर्ड किया। शिकायत में यह भी कहा गया कि निजी वीडियो का इस्तेमाल उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित करने और ब्लैकमेल करने के लिए किया गया।
महिला अधिकारी की शिकायत के आधार पर हैदराबाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता यानी BNS और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने जांच शुरू कर दी और दोनों पक्षों से जुड़े डिजिटल तथा अन्य साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया शुरू की।
इसी बीच खबर सामने आई कि ट्रेनी IPS अधिकारी उदय कृष्ण रेड्डी ने कथित तौर पर जहर खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज जारी है। हालांकि, अधिकारियों की ओर से आत्महत्या के प्रयास को लेकर अंतिम आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं की गई है।
मामले ने उस समय नया मोड़ लिया जब मीडिया में एक कथित दो पन्नों का सुसाइड नोट सामने आया। इस नोट में उदय कृष्ण रेड्डी ने अपने ऊपर लगाए गए सभी गंभीर आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने दावा किया कि वह और महिला IPS प्रोबेशनर पहले आपसी सहमति से रिश्ते में थे और दोनों के बीच लंबे समय तक व्यक्तिगत संबंध रहे।
कथित सुसाइड नोट में यह भी लिखा गया है कि महिला अधिकारी शादी के बाद भी उनके संपर्क में थीं और कई बार स्वयं उनके कमरे में आई थीं। रेड्डी का दावा है कि उन्होंने कुछ घटनाओं की वीडियो रिकॉर्डिंग केवल अपनी सुरक्षा और भविष्य में सबूत के तौर पर की थी।
नोट में एक और दावा किया गया है कि एक दिन महिला अधिकारी खुद उनके कमरे में आईं, उन्हें गले लगाया और किस किया। रेड्डी के अनुसार, उन्होंने इस घटना को रिकॉर्ड किया और बाद में महिला के पति को भेज दिया ताकि वह पूरे घटनाक्रम की जानकारी दे सकें। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि बाद में उन्हीं घटनाओं को अलग तरीके से पेश कर उनके खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई।
हालांकि, यह स्पष्ट करना बेहद जरूरी है कि सुसाइड नोट में किए गए ये सभी दावे केवल कथित हैं। इनकी स्वतंत्र रूप से आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है और पुलिस जांच अभी जारी है।
दूसरी ओर, महिला IPS प्रोबेशनर ने अपनी शिकायत में कई गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि आरोपी ने उनका मोबाइल फोन जबरन अपने कब्जे में लिया, निजी चैट देखीं, उनके साथ अभद्र व्यवहार किया और शारीरिक हिंसा की। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया कि आरोपी ने उनकी प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने की कोशिश की और निजी वीडियो का गलत इस्तेमाल किया।
पुलिस अब दोनों पक्षों के बयानों, मोबाइल डेटा, व्हाट्सएप चैट, वीडियो रिकॉर्डिंग और अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की जांच कर रही है। जांच एजेंसियों का कहना है कि सभी तथ्यों की निष्पक्ष जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
इस बीच, सरदार वल्लभभाई पटेल राष्ट्रीय पुलिस अकादमी के अधिकारियों ने भी अस्पताल पहुंचकर ट्रेनी अधिकारी की स्वास्थ्य स्थिति की जानकारी ली। पूरे मामले पर अकादमी की भी नजर बनी हुई है।
यह मामला इसलिए भी संवेदनशील माना जा रहा है क्योंकि इसमें देश की प्रतिष्ठित पुलिस सेवा के दो प्रशिक्षु अधिकारियों के बीच गंभीर आरोप और प्रत्यारोप सामने आए हैं। ऐसे मामलों में जांच पूरी होने से पहले किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा।
फिलहाल पुलिस सभी उपलब्ध सबूतों की जांच कर रही है। आने वाले दिनों में जांच रिपोर्ट और फोरेंसिक विश्लेषण के आधार पर यह साफ हो सकेगा कि पूरे घटनाक्रम में वास्तविक तथ्य क्या हैं और कानून के अनुसार आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
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