भोपाल में हुई Twisha Sharma की संदिग्ध मौत का मामला अब और ज्यादा चर्चाओं में आ गया है। मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के अहम फैसले के बाद इस केस ने नया मोड़ ले लिया है। कोर्ट ने ट्विशा शर्मा के शव का दोबारा पोस्टमॉर्टम कराने की अनुमति दे दी है। वहीं दूसरी तरफ, पिछले 10 दिनों से फरार चल रहे पति Samarth Singh ने अब सरेंडर करने की पेशकश की है।
जानकारी के मुताबिक, समर्थ सिंह के वकील ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश हाई कोर्ट को बताया कि उनका मुवक्किल आत्मसमर्पण करने को तैयार है। साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि समर्थ सिंह अपनी अग्रिम जमानत याचिका वापस ले लेंगे।
नोएडा निवासी 33 वर्षीय ट्विशा शर्मा 12 मई को भोपाल स्थित अपने ससुराल में मृत पाई गई थीं। शुरुआती पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में इसे आत्महत्या बताया गया था, लेकिन ट्विशा के परिवार ने इस रिपोर्ट को मानने से इनकार कर दिया। परिवार ने ससुराल पक्ष पर दहेज उत्पीड़न और आत्महत्या के लिए उकसाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं।
दूसरी ओर, सिंह परिवार का दावा है कि ट्विशा नशे की लत से जूझ रही थीं और उनकी मौत आत्महत्या का मामला है।
मामले की गंभीरता को देखते हुए हाई कोर्ट ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की अनुमति दे दी है। माना जा रहा है कि यह पोस्टमॉर्टम All India Institute of Medical Sciences यानी AIIMS दिल्ली के विशेषज्ञ डॉक्टरों की निगरानी में किया जा सकता है।
याचिकाकर्ता पक्ष के वकील ने कोर्ट से मामले को प्राथमिकता देने की मांग करते हुए कहा कि “समय तेजी से निकल रहा है” और निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है।
हालांकि, ससुराल पक्ष की ओर से पेश वकील ने दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग का कड़ा विरोध किया। उन्होंने कोर्ट में कहा कि पहले ही AIIMS के डॉक्टर पोस्टमॉर्टम कर चुके हैं, ऐसे में दूसरी जांच की मांग मेडिकल बिरादरी का अपमान है।
वकील ने दलील दी कि दोबारा पोस्टमॉर्टम की मांग यह दर्शाती है कि लोगों को अपने ही डॉक्टरों पर भरोसा नहीं है। साथ ही उन्होंने शव के अंतिम संस्कार में हो रही देरी पर भी आपत्ति जताई।
मामले में सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने पोस्टमॉर्टम करने वाले डॉक्टरों की निष्पक्षता का बचाव किया। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि यदि पीड़ित परिवार को किसी गड़बड़ी का संदेह है, तो दूसरी राय लेना गलत नहीं है।
इस पूरे घटनाक्रम के बीच मध्य प्रदेश सरकार ने इस हाई-प्रोफाइल मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो यानी Central Bureau of Investigation को सौंपने की सिफारिश कर दी है। सरकार ने जांच को CBI को ट्रांसफर करने पर अपनी सहमति भी दे दी है।
अब इस केस में सभी की नजर AIIMS की दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और समर्थ सिंह के सरेंडर पर टिकी हुई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में यह मामला और बड़े खुलासों की ओर बढ़ सकता है।
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