केंद्रीय खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारतीय खिलाड़ियों के शानदार प्रदर्शन पर खुशी जताते हुए कहा कि यह सफलता पिछले एक दशक में खेलों के क्षेत्र में किए गए सरकारी प्रयासों का परिणाम है। उन्होंने कहा कि सरकार द्वारा तैयार किए गए मजबूत खेल इकोसिस्टम की बदौलत भारतीय खिलाड़ी लगातार अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं।
एनडीए संसदीय दल की बैठक में पेश किया प्रदर्शन का ब्यौरा
बुधवार को आयोजित एनडीए संसदीय दल की बैठक में खेल मंत्री मनसुख मांडविया ने पिछले दस वर्षों में भारतीय खेलों की प्रगति का विस्तृत विवरण प्रस्तुत किया। उन्होंने ओलंपिक, एशियाई खेलों और ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए कहा कि अब देश को खेलों में किए गए निवेश का सकारात्मक परिणाम दिखाई देने लगा है।
पसंदीदा खेल नहीं होने के बावजूद जीते 39 पदक
मांडविया ने बताया कि बजट में कटौती के कारण ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेलों में केवल 10 खेल शामिल किए गए थे। इनमें से भारत ने 9 खेलों में हिस्सा लिया और 13 स्वर्ण पदकों सहित कुल 39 पदक अपने नाम किए। उन्होंने कहा कि सीमित स्पर्धाओं के बावजूद भारतीय खिलाड़ियों का प्रदर्शन बेहद प्रभावशाली रहा।
पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन
खेल मंत्री ने बताया कि भारत ने बर्मिंघम राष्ट्रमंडल खेल 2022 में 30 पदक और गोल्ड कोस्ट राष्ट्रमंडल खेल 2018 में 22 पदक जीते थे। ग्लास्गो में 39 पदक जीतना भारतीय खेलों की निरंतर प्रगति का संकेत है।
ओलंपिक और एशियाई खेलों का भी किया उल्लेख
मनसुख मांडविया ने कहा कि वर्ष 1947 से 2012 तक भारत ने कुल 21 ओलंपिक पदक जीते थे, जबकि पिछले तीन ओलंपिक में ही भारतीय खिलाड़ियों ने 15 पदक हासिल किए हैं। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 2022 एशियाई खेलों में भारत ने पहली बार 100 पदकों का आंकड़ा पार कर इतिहास रचा था।
सरकारी योजनाओं को दिया सफलता का श्रेय
खेल मंत्री ने इस उपलब्धि का श्रेय केंद्र सरकार की विभिन्न खेल योजनाओं को दिया। उन्होंने कहा कि खेलो इंडिया, फिट इंडिया अभियान, टारगेट ओलंपिक पोडियम स्कीम (TOPS) और अस्मिता लीग जैसी पहल ने खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, सुविधाएं और प्रतियोगी माहौल उपलब्ध कराया है। इन योजनाओं के कारण देशभर से नई प्रतिभाएं सामने आ रही हैं।
एशियाई खेलों पर अब भारत की नजर
मांडविया ने कहा कि अब भारतीय खिलाड़ी सितंबर-अक्टूबर में जापान में होने वाले एशियाई खेलों की तैयारी में जुटेंगे। इन खेलों में निशानेबाजी, कुश्ती, बैडमिंटन, क्रिकेट और हॉकी जैसी स्पर्धाएं शामिल होंगी, जिनमें भारत पारंपरिक रूप से मजबूत दावेदार माना जाता है।
निष्कर्ष
ग्लास्गो राष्ट्रमंडल खेल 2026 में भारत का प्रदर्शन यह दर्शाता है कि देश का खेल ढांचा लगातार मजबूत हो रहा है। खिलाड़ियों की मेहनत, बेहतर प्रशिक्षण और खेलों के लिए विकसित किए गए इकोसिस्टम के कारण भारत अंतरराष्ट्रीय स्तर पर नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। अब सभी की नजर आगामी एशियाई खेलों पर रहेगी, जहां भारतीय दल से एक बार फिर शानदार प्रदर्शन की उम्मीद की जा रही है।
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