लखनऊ की पांचों तहसीलों में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में शनिवार को कुल 549 शिकायतें और प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। अधिकारियों ने इनमें से 122 मामलों का मौके पर ही निस्तारण किया। जिलाधिकारी ने शेष शिकायतों को निर्धारित समयसीमा में निस्तारित करने के निर्देश दिए हैं।
लखनऊ। आम जनता की शिकायतों के त्वरित और प्रभावी समाधान के लिए जिले की सदर, मलिहाबाद, बीकेटी, मोहनलालगंज और सरोजनीनगर तहसीलों में सम्पूर्ण समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान राजस्व, पुलिस, विकास, बिजली, समाज कल्याण, स्वास्थ्य और अन्य विभागों से जुड़ी समस्याएं अधिकारियों के सामने रखी गईं।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सम्पूर्ण समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण एक सप्ताह के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतों के समाधान में अनावश्यक देरी न हो और प्रत्येक मामले में शिकायतकर्ता को वास्तविक राहत मिलना सुनिश्चित किया जाए।
लखनऊ की पांचों तहसीलों में कितनी शिकायतें मिलीं?
सम्पूर्ण समाधान दिवस में तहसीलवार शिकायतों और मौके पर हुए निस्तारण की स्थिति इस प्रकार रही:
| तहसील | प्राप्त शिकायतें | मौके पर निस्तारण |
|---|---|---|
| सदर | 35 | 3 |
| मलिहाबाद | 97 | 8 |
| बीकेटी | 135 | 31 |
| मोहनलालगंज | 117 | 18 |
| सरोजनीनगर | 165 | 62 |
| कुल | 549 | 122 |
सरोजनीनगर तहसील में सबसे अधिक 165 शिकायतें प्राप्त हुईं। इनमें से 62 मामलों का मौके पर ही समाधान कराया गया।
राजस्व से जुड़ी शिकायतों की संख्या सबसे अधिक
लखनऊ सम्पूर्ण समाधान दिवस में विभागवार प्राप्त शिकायतों में राजस्व से जुड़े मामले सबसे अधिक रहे। कुल 549 प्रार्थना पत्रों में 280 शिकायतें राजस्व विभाग, 66 पुलिस, 54 विकास, 10 राजस्व एवं पुलिस संयुक्त, 6 शिक्षा, 3 स्वास्थ्य, 7 समाज कल्याण, 5 नगर निगम और 118 अन्य विभागों से संबंधित रहीं।
अधिकारियों को निर्देश दिया गया कि प्रत्येक शिकायत की जांच कर नियमानुसार कार्रवाई की जाए और निस्तारण की जानकारी संबंधित शिकायतकर्ता तक भी पहुंचाई जाए।
हर तहसील में लगेगा विद्युत बिल संशोधन शिविर
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान बिजली बिल संशोधन से संबंधित शिकायतों का भी जिलाधिकारी ने संज्ञान लिया। उन्होंने विद्युत विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि आम लोगों की सुविधा के लिए अब प्रत्येक सम्पूर्ण समाधान दिवस के अवसर पर संबंधित तहसील परिसर में विद्युत बिल संशोधन शिविर लगाया जाए।
शिविर के माध्यम से बिजली बिल से जुड़ी समस्याओं की जांच कर आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए हैं। इससे उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों के समाधान के लिए अलग से विद्युत कार्यालयों के चक्कर लगाने की आवश्यकता कम हो सकेगी।
पेंशन और सरकारी योजनाओं के लिए भी लगेंगे शिविर
जिलाधिकारी ने पेंशन सहित विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं से संबंधित विभागों को भी समाधान दिवस के दौरान शिविर लगाने के निर्देश दिए। अधिकारियों से कहा गया कि ऐसे शिविरों के माध्यम से पात्र लाभार्थियों को सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए और उन्हें योजनाओं का लाभ दिलाने की प्रक्रिया को आसान बनाया जाए।
प्रशासन का जोर इस बात पर है कि समाधान दिवस केवल शिकायतों की सुनवाई तक सीमित न रहे, बल्कि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने का प्रभावी माध्यम भी बने।
शिकायत निस्तारण के बाद लिया जाएगा फीडबैक
जिलाधिकारी ने सभी जिला स्तरीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त प्रत्येक शिकायत के निस्तारण के लिए स्पष्ट समयसीमा निर्धारित की जाए। अधिकारियों को निर्धारित अवधि में कार्रवाई पूरी करने के साथ फोटो और वीडियो सहित निस्तारण आख्या उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए।
उन्होंने कहा कि शिकायत का निस्तारण होने के बाद संबंधित अधिकारी शिकायतकर्ता को फोन करके फीडबैक भी लें। इससे यह पता लगाया जा सकेगा कि शिकायत का समाधान वास्तविक रूप से हुआ है या नहीं।
लखनऊ में शिकायतों के समयबद्ध निस्तारण पर जोर
जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि आमजन की शिकायतों के निस्तारण में लापरवाही या अनावश्यक देरी नहीं होनी चाहिए। प्रत्येक मामले की गंभीरता से जांच करते हुए नियमानुसार कार्रवाई की जाए और निर्धारित समयसीमा के भीतर शिकायत का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान मुख्य चिकित्साधिकारी एनबी सिंह, अपर जिलाधिकारी वित्त एवं राजस्व राकेश सिंह, उप जिलाधिकारी सरोजनीनगर अभिषेक, डीसी मनरेगा, पीडी ग्राम्य विकास, तहसीलदार सरोजनीनगर जेपी सिंह सहित पुलिस, समाज कल्याण और विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं कर्मचारी मौजूद रहे।
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