फीफा विश्व कप 2026 के करीब आते ही मौजूदा विश्व चैंपियन अर्जेंटीना एक बार फिर खिताब की सबसे बड़ी दावेदार टीमों में शामिल हो गई है। दुनिया भर के फुटबॉल प्रशंसकों की नजरें कप्तान लियोनेल मेसी पर टिकी हैं, जो संभवतः अपने करियर का आखिरी विश्व कप खेलने जा रहे हैं। ऐसे में यह टूर्नामेंट मेसी और अर्जेंटीना दोनों के लिए बेहद खास माना जा रहा है।
अर्जेंटीना की सबसे बड़ी ताकत उसकी अनुभवी टीम है। वर्ष 2022 में कतर विश्व कप जीतने वाली टीम का अधिकांश हिस्सा अब भी स्क्वाड में मौजूद है। मुख्य कोच लियोनेल स्कालोनी और कप्तान लियोनेल मेसी की जोड़ी एक बार फिर टीम को सफलता दिलाने के लिए तैयार है। गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज, मिडफील्डर रोड्रिगो डी पॉल, एंजो फर्नांडीज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर जैसे खिलाड़ी टीम की रीढ़ बने हुए हैं।
विश्व कप जीतने के बाद अर्जेंटीना ने 2024 कोपा अमेरिका का खिताब भी अपने नाम किया था। इसी वजह से टीम प्रबंधन ने सफल संयोजन को बरकरार रखा है। हालांकि विशेषज्ञों का मानना है कि टीम के कई खिलाड़ी अब पहले की तुलना में अधिक उम्रदराज हो चुके हैं, जिसका असर लंबे टूर्नामेंट में देखने को मिल सकता है।
इस बार टीम में युवा खिलाड़ियों की संख्या सीमित है। एलेजांद्रो गार्नाचो और फ्रांको मास्तांतुओनो जैसे प्रतिभाशाली खिलाड़ियों को अंतिम टीम में जगह नहीं मिली है। इसके बावजूद कोच स्कालोनी ने अनुभव को प्राथमिकता देते हुए भरोसेमंद खिलाड़ियों पर विश्वास जताया है।
अर्जेंटीना की सफलता केवल मेसी पर निर्भर नहीं होगी। 26 वर्षीय जूलियन अल्वारेज और 28 वर्षीय लाउतारो मार्टिनेज से बड़ी जिम्मेदारी निभाने की उम्मीद है। दोनों खिलाड़ियों ने पिछले कुछ वर्षों में क्लब और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन किया है। वहीं एंजो फर्नांडीज और एलेक्सिस मैक एलिस्टर मिडफील्ड में टीम की रचनात्मक ताकत बने रहेंगे।
युवा खिलाड़ियों में जूलियानो सिमियोने, निको पाज और वैलेंटिन बार्को पर भी विशेष नजर रहेगी। ये खिलाड़ी भविष्य के सितारों के रूप में देखे जा रहे हैं और बड़े मंच पर खुद को साबित करने का मौका तलाशेंगे।
ग्रुप चरण में अर्जेंटीना का सामना ऑस्ट्रिया, जॉर्डन और अल्जीरिया जैसी टीमों से होगा। कागज पर यह समूह अपेक्षाकृत आसान नजर आता है, लेकिन नॉकआउट दौर में असली परीक्षा शुरू होगी। ऐसे में मजबूत रक्षा पंक्ति और गोलकीपर एमिलियानो मार्टिनेज की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण होगी।
लगातार दूसरी बार विश्व कप जीतना किसी भी टीम के लिए आसान नहीं रहा है। वर्ष 1962 के बाद कोई भी देश लगातार दो विश्व कप खिताब नहीं जीत पाया है। ऐसे में अर्जेंटीना के सामने इतिहास रचने की चुनौती होगी।
अब सवाल यही है कि क्या लियोनेल मेसी अपने शानदार करियर का एक और स्वर्णिम अध्याय लिख पाएंगे, या फिर विश्व कप 2026 उनके महान सफर का आखिरी पड़ाव साबित होगा। दुनिया भर के फुटबॉल प्रेमियों की नजरें इस सवाल के जवाब पर टिकी हैं।
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