आजकल अनिद्रा (Insomnia) यानी नींद न आने की समस्या तेजी से बढ़ रही है। अक्सर लोग इसका कारण तनाव, चिंता या खराब जीवनशैली को मानते हैं, लेकिन स्वास्थ्य विशेषज्ञों के अनुसार शरीर में कुछ जरूरी विटामिन्स की कमी भी अच्छी नींद में बाधा बन सकती है। यदि पर्याप्त समय तक सोने के बावजूद नींद पूरी नहीं होती या रातभर बार-बार नींद खुलती है, तो इसके पीछे पोषण की कमी भी एक कारण हो सकती है।
विशेषज्ञों का कहना है कि विटामिन D, विटामिन B12, विटामिन B6 और फोलेट (विटामिन B9) शरीर और मस्तिष्क के सामान्य कार्यों के लिए बेहद जरूरी हैं। ये पोषक तत्व उन प्रक्रियाओं में योगदान देते हैं जो नींद से जुड़े हार्मोन और तंत्रिका तंत्र के सामान्य कामकाज को प्रभावित करते हैं। इनकी कमी होने पर कुछ लोगों में नींद की गुणवत्ता प्रभावित हो सकती है।
शोधों के अनुसार, विटामिन D का संबंध मस्तिष्क के उन हिस्सों से माना जाता है जो नींद और जागने के चक्र को नियंत्रित करते हैं। इसकी कमी होने पर कुछ लोगों को बार-बार नींद खुलने या गहरी नींद न आने जैसी समस्याएं हो सकती हैं। हालांकि, नींद से जुड़ी समस्याओं के कई अन्य कारण भी हो सकते हैं।
विटामिन B12 तंत्रिका तंत्र को स्वस्थ रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। इसकी कमी होने पर थकान, कमजोरी और कुछ मामलों में शरीर की जैविक घड़ी (Biological Clock) प्रभावित हो सकती है, जिससे सोने और जागने का सामान्य समय बिगड़ सकता है।
इसी तरह विटामिन B6 शरीर में मेलाटोनिन और अन्य न्यूरोट्रांसमीटर के निर्माण में सहायक माना जाता है। पर्याप्त मात्रा में B6 मिलने से शरीर की सामान्य नींद प्रक्रिया को समर्थन मिल सकता है। वहीं फोलेट (विटामिन B9) मस्तिष्क की कोशिकाओं और तंत्रिका तंत्र के बेहतर कार्य के लिए आवश्यक है। इसकी कमी भी कुछ लोगों में मानसिक थकान और नींद से जुड़ी परेशानियों से जुड़ी हो सकती है।
विशेषज्ञ सलाह देते हैं कि इन पोषक तत्वों की कमी से बचने के लिए रोजाना संतुलित और पौष्टिक भोजन करें। आहार में हरी पत्तेदार सब्जियां, फल, साबुत अनाज, दूध और अन्य डेयरी उत्पाद, अंडे, दालें, मेवे तथा विटामिन B12 और D से भरपूर खाद्य पदार्थ शामिल करें। इसके अलावा रोज सुबह 15 से 30 मिनट धूप में समय बिताना भी विटामिन D के प्राकृतिक स्रोत के रूप में लाभदायक माना जाता है।
यदि जीवनशैली में सुधार और संतुलित आहार अपनाने के बावजूद लंबे समय तक नींद न आने की समस्या बनी रहती है, तो स्वयं दवाएं या सप्लीमेंट लेना शुरू न करें। डॉक्टर की सलाह पर आवश्यक जांच, जैसे विटामिन D और B12 की ब्लड टेस्ट, करवाएं और रिपोर्ट के अनुसार ही उपचार या सप्लीमेंट लें।
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