सड़क किनारे लगे विज्ञापन होर्डिंग्स साफ दिखाई दें, इसके लिए क्या 55 पेड़ों को काट दिया गया? महाराष्ट्र के नासिक से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने सबको हैरान कर दिया है। आरोप है कि होर्डिंग्स के सामने आ रहे पेड़ों को हटाने के लिए महज 10 हजार रुपये दिए गए। इस मामले में विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया गया है। आखिर क्या है पूरा मामला? आइए जानते हैं।
नासिक के गंगापुर रोड पर जेहान सर्कल और बेंडकुले नगर के बीच डिवाइडर पर लगे 55 पेड़ों को रातों-रात काट दिया गया। पेड़ों की कटाई का मामला सामने आने के बाद इलाके में चर्चा शुरू हो गई और पुलिस तक शिकायत पहुंची।
इसके बाद गंगापुर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई और मामले की जांच शुरू हुई। शुरुआती जांच में पेड़ों की कटाई के पीछे विज्ञापन होर्डिंग्स से जुड़ा एक कथित कारण सामने आया है।
आरोप है कि सड़क की स्ट्रीट लाइट पर लगे डबल विज्ञापन होर्डिंग्स के सामने ये पेड़ आ रहे थे। सड़क से गुजरने वाले वाहन चालकों को होर्डिंग्स साफ दिखाई नहीं दे रहे थे। इसी वजह से पेड़ों को हटाने का फैसला किए जाने की बात सामने आई है।
इस पूरे मामले में सबसे चौंकाने वाला पहलू कथित तौर पर दी गई रकम है। जांच के दौरान आरोप सामने आया कि पेड़ों को काटने के लिए सिर्फ 10 हजार रुपये दिए गए थे। यानी आरोपों के मुताबिक, विज्ञापन होर्डिंग्स को साफ दिखाने के लिए पेड़ों की कटाई का सौदा किया गया।
हालांकि, इस मामले में यह ध्यान रखना जरूरी है कि पेड़ों को काटने के पीछे बताई जा रही वजह और भुगतान से जुड़ी जानकारी आरोपों तथा शुरुआती जांच के संदर्भ में सामने आई है। मामले की पूरी तस्वीर जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
पुलिस ने इस मामले में विज्ञापन एजेंसी के डायरेक्टर समेत छह लोगों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तारी के बाद सभी आरोपियों को अदालत में पेश किया गया। कोर्ट ने सभी छह लोगों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेज दिया है।
अब पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है। जांच के दौरान यह पता लगाने की कोशिश की जा सकती है कि पेड़ों को काटने का आदेश किसने दिया, इसमें किन लोगों की भूमिका थी और कथित तौर पर 10 हजार रुपये का भुगतान किस तरह किया गया।
इस घटना ने शहरों में पेड़ों की सुरक्षा और विज्ञापन लगाने के तरीकों को लेकर भी सवाल खड़े किए हैं। सड़क किनारे लगे पेड़ पर्यावरण और शहर के प्राकृतिक संतुलन के लिए अहम होते हैं। ऐसे में किसी भी पेड़ को हटाने या काटने से जुड़े नियमों और अनुमति की जांच महत्वपूर्ण हो जाती है।
फिलहाल, नासिक के गंगापुर रोड पर 55 पेड़ों की कटाई के मामले में छह लोगों की गिरफ्तारी हो चुकी है और अदालत ने उन्हें पांच दिन की पुलिस कस्टडी में भेजा है।
अब सबसे बड़ा सवाल यही है कि जांच में पेड़ों की कटाई के पीछे किसकी भूमिका सामने आती है? क्या कथित तौर पर होर्डिंग्स को दिखाने के लिए पेड़ काटे गए थे? पुलिस की जांच और आगे की कानूनी कार्रवाई से इस मामले में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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