पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आए 7.7 तीव्रता के शक्तिशाली भूकंप ने भारी तबाही मचा दी है। भूकंप के बाद प्रभावित इलाकों से लगातार नए शव बरामद किए जा रहे हैं। रविवार को चार और शव मिलने के बाद इस प्राकृतिक आपदा में मृतकों की संख्या बढ़कर 51 हो गई है। अधिकारियों के अनुसार, भूकंप में 101 लोग घायल हुए हैं, जबकि करीब 5 हजार लोगों को अपना घर छोड़कर अस्थायी आश्रय स्थलों में शरण लेनी पड़ी है।
सुबह-सुबह आया तेज भूकंप
अमेरिका भूवैज्ञानिक सर्वेक्षण यानी USGS के मुताबिक, यह शक्तिशाली भूकंप स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 5 बजकर 58 मिनट पर पूर्वी इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में आया। भूकंप का केंद्र जमीन से करीब 10 किलोमीटर की गहराई में बताया गया है। भूकंप की कम गहराई और तेज तीव्रता के कारण इसके झटके आसपास के कई इलाकों में महसूस किए गए।
जैसे ही धरती हिली, लोगों में दहशत फैल गई। बड़ी संख्या में लोग अपने घरों से बाहर निकल आए। कई इलाकों में भूस्खलन की वजह से मलबा जमा हो गया, जिससे सड़कें और संपर्क मार्ग बाधित हुए। इसके चलते बचाव दलों को प्रभावित क्षेत्रों तक पहुंचने में काफी मुश्किलों का सामना करना पड़ रहा है।
सुनामी की चेतावनी से मची अफरा-तफरी
भूकंप के बाद संभावित सुनामी को लेकर चेतावनी जारी की गई थी। चेतावनी की खबर सामने आने के बाद तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों के बीच डर और बढ़ गया। कई लोग सुरक्षित स्थानों की ओर जाने लगे।
हालांकि बाद में सुनामी की चेतावनी वापस ले ली गई। इसके बावजूद प्रशासन ने लोगों से सतर्क रहने और स्थानीय अधिकारियों के निर्देशों का पालन करने की अपील की है। भूकंप प्रभावित इलाकों में स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।
मलबे में फंसे लोगों की तलाश जारी
राष्ट्रीय खोज एवं बचाव एजेंसी के अनुसार, राहत और बचाव दल लगातार मलबा हटाकर लोगों की तलाश कर रहे हैं। इसी अभियान के दौरान रविवार को चार और शव बरामद किए गए। इसके बाद मृतकों का आंकड़ा 51 तक पहुंच गया।
बचाव अभियान के दौरान सबसे बड़ी चुनौती भूस्खलन से जमा मलबा और प्रभावित इलाकों में खराब हुई बुनियादी सुविधाएं हैं। कई स्थानों पर बिजली आपूर्ति और संचार व्यवस्था भी प्रभावित हुई है। इससे बचाव दलों और स्थानीय प्रशासन के बीच संपर्क बनाए रखने में परेशानी हो रही है।
5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
भूकंप के कारण करीब 5 हजार लोग प्रभावित हुए हैं और उन्हें अस्थायी आश्रय स्थलों में शरण लेनी पड़ी है। बड़ी संख्या में लोगों के विस्थापित होने के बाद प्रशासन की प्राथमिकता उन्हें भोजन, पानी, चिकित्सा सहायता और सुरक्षित रहने की जगह उपलब्ध कराना है।
भूकंप में घायल हुए 101 लोगों का इलाज कराया जा रहा है। वहीं, राहत एजेंसियां उन इलाकों में भी पहुंचने की कोशिश कर रही हैं जहां सड़कों पर मलबा जमा होने के कारण आवागमन प्रभावित है।
आफ्टरशॉक्स और भूस्खलन पर नजर
मुख्य भूकंप के बाद प्रशासन और राहत एजेंसियां संभावित आफ्टरशॉक्स तथा भूस्खलन के खतरे को लेकर भी सतर्क हैं। प्रभावित इलाकों में खोज और बचाव अभियान अभी जारी है। अधिकारियों की कोशिश है कि मलबे में फंसे लोगों को जल्द से जल्द बाहर निकाला जाए और घायलों को आवश्यक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराई जाए।
फिलहाल इंडोनेशिया के फ्लोरेस क्षेत्र में राहत एवं बचाव कार्य युद्धस्तर पर जारी है। जैसे-जैसे प्रभावित इलाकों से नई जानकारी सामने आ रही है, मृतकों और घायलों की संख्या में बदलाव की संभावना बनी हुई है। प्रशासन की ओर से लोगों को सुरक्षित स्थानों पर रहने और किसी भी आधिकारिक चेतावनी को गंभीरता से लेने की सलाह दी गई है।
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