दिल्ली में छात्रों के आंदोलन और युवाओं के बीच बदलते राजनीतिक माहौल के बीच भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने ‘Gen-Z सम्मेलन’ की शुरुआत की है। पार्टी का उद्देश्य युवाओं और छात्र-छात्राओं के साथ सीधा संवाद स्थापित करना और नई पीढ़ी के बीच अपनी पहुंच को मजबूत करना है। इस पहल को युवाओं से जुड़ने की भाजपा की नई रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है।
यह सम्मेलन भारतीय जनता युवा मोर्चा (BJYM) की ओर से दक्षिणी दिल्ली के तुगलकाबाद डीडीए ग्राउंड में आयोजित किया गया। कार्यक्रम में दिल्ली सरकार के मंत्री आशीष सूद मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए, जबकि पूर्व सांसद रमेश बिधूड़ी ने मुख्य वक्ता के तौर पर युवाओं को संबोधित किया।
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, हाल के छात्र आंदोलनों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों के बाद युवाओं के बीच संवाद बढ़ाने की आवश्यकता महसूस की जा रही है। इसी दिशा में भाजपा ने Gen-Z सम्मेलन के माध्यम से युवा वर्ग से सीधे जुड़ने का प्रयास शुरू किया है।
सम्मेलन के दौरान युवाओं से शिक्षा, रोजगार, डिजिटल अवसर, नवाचार और राष्ट्र निर्माण में उनकी भूमिका जैसे विभिन्न विषयों पर चर्चा की गई। पार्टी नेताओं ने युवाओं को देश के विकास में भागीदारी बढ़ाने और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने के लिए भी प्रेरित किया।
कार्यक्रम में वक्ताओं ने Gen-Z यानी नई पीढ़ी की सोच, डिजिटल दुनिया में उनकी भूमिका और बदलती सामाजिक चुनौतियों पर भी अपने विचार साझा किए। साथ ही युवाओं से संवाद के माध्यम से उनके सुझाव और अपेक्षाओं को जानने का प्रयास किया गया।
हाल के दिनों में शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े मुद्दे राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में रहे हैं। विपक्ष लगातार इन विषयों को लेकर केंद्र सरकार पर सवाल उठाता रहा है। ऐसे माहौल में भाजपा का यह सम्मेलन युवाओं के बीच अपनी सक्रिय मौजूदगी और संवाद को मजबूत करने की पहल माना जा रहा है।
पार्टी सूत्रों के अनुसार, Gen-Z सम्मेलन केवल दिल्ली तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आने वाले समय में देश के अन्य राज्यों और शहरों में भी ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा सकते हैं, ताकि अधिक से अधिक युवाओं तक पहुंच बनाई जा सके।
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