केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए कर संग्रह को लेकर एक सकारात्मक तस्वीर पेश की है। बजट दस्तावेजों के अनुसार, सरकार को आगामी वित्त वर्ष में सकल कर राजस्व (Gross Tax Revenue) के रूप में 44.04 लाख करोड़ रुपये से अधिक की प्राप्ति होने की उम्मीद है। यह पिछले वर्ष की तुलना में लगभग 8 प्रतिशत की वृद्धि को दर्शाता है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव ने कर संग्रह के इन अनुमानों को भारतीय अर्थव्यवस्था में हो रहे संरचनात्मक सुधारों और कर अनुपालन में सुधार का परिणाम बताया है।
आयकर संग्रह में दोहरे अंकों की वृद्धि का अनुमान
बजट अनुमान के अनुसार, वित्त वर्ष 2026-27 में व्यक्तिगत आयकर (Personal Income Tax) संग्रह में 11.73 प्रतिशत की वृद्धि दर्ज की जा सकती है।
सरकार को आयकर से 14.66 लाख करोड़ रुपये प्राप्त होने का अनुमान है, जबकि वित्त वर्ष 2025-26 के लिए संशोधित अनुमान 13.12 लाख करोड़ रुपये था।
यह वृद्धि बेहतर कर अनुपालन, डिजिटल निगरानी और आर्थिक गतिविधियों में विस्तार को दर्शाती है।
कॉरपोरेट टैक्स और एसटीटी में भी बढ़ोतरी
कॉरपोरेट क्षेत्र से कर संग्रह में भी मजबूती देखने को मिल सकती है।
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कॉरपोरेट टैक्स (CIT):
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अनुमानित संग्रह: 12.31 लाख करोड़ रुपये
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वृद्धि: लगभग 11 प्रतिशत
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पिछले वर्ष (RE): 11.09 लाख करोड़ रुपये
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प्रतिभूति लेनदेन कर (STT):
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अनुमानित संग्रह: 73,700 करोड़ रुपये
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FY 2025-26 (RE): 63,670 करोड़ रुपये
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यह संकेत देता है कि पूंजी बाजार में गतिविधियां मजबूत बनी रह सकती हैं।
कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह 27 लाख करोड़ के करीब
बजट 2026-27 में कुल प्रत्यक्ष कर संग्रह (व्यक्तिगत आयकर + कॉरपोरेट टैक्स) के रूप में सरकार को 26.97 लाख करोड़ रुपये मिलने का अनुमान है।
राजस्व सचिव अरविंद श्रीवास्तव के अनुसार:
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प्रत्यक्ष कर उछाल (Tax Buoyancy): 1.14
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इसका अर्थ है कि कर संग्रह की वृद्धि दर, GDP वृद्धि से तेज रहने की संभावना है।
अप्रत्यक्ष करों का अनुमान
अप्रत्यक्ष करों के मोर्चे पर सरकार ने संतुलित अनुमान पेश किए हैं:
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सीमा शुल्क: ₹ 2.71 लाख करोड़
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उत्पाद शुल्क: ₹ 3.89 लाख करोड़
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GST संग्रह: ₹ 10.19 लाख करोड़
हालांकि, GST संग्रह में 2.59 प्रतिशत की मामूली गिरावट का अनुमान लगाया गया है।
वित्त वर्ष 2025-26 में GST का संशोधित अनुमान 10.46 लाख करोड़ रुपये था।
सरकार का भरोसा: टैक्स ग्रोथ GDP से तेज रहेगी
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सरकार को भरोसा है कि:
“इन सभी सुधारों के साथ कर संग्रह की वृद्धि दर, अर्थव्यवस्था की वृद्धि दर से तेज रहेगी। आने वाले वर्ष में टैक्स राजस्व मजबूत बना रहेगा।”
सरकार का मानना है कि डिजिटलीकरण, औपचारिक अर्थव्यवस्था का विस्तार और बेहतर अनुपालन से कर आधार और मजबूत होगा।
निष्कर्ष
Budget 2026-27 के कर अनुमान यह संकेत देते हैं कि सरकार को:
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प्रत्यक्ष करों से मजबूत समर्थन
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कॉरपोरेट और व्यक्तिगत आयकर में स्थिर वृद्धि
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पूंजी बाजार से बेहतर योगदान
मिलने की उम्मीद है।
यदि ये अनुमान जमीन पर साकार होते हैं, तो यह राजकोषीय प्रबंधन और विकास योजनाओं के लिए सरकार को अतिरिक्त मजबूती प्रदान करेगा।
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