भारत ने परमाणु ऊर्जा के क्षेत्र में एक बड़ी उपलब्धि हासिल की है, जिसने दुनियाभर का ध्यान अपनी ओर खींचा है। तमिलनाडु के कलपक्कम में स्थित Prototype Fast Breeder Reactor (PFBR) ने ‘क्रिटिकिटी’ हासिल कर ली है, जो किसी भी परमाणु रिएक्टर के लिए एक महत्वपूर्ण चरण माना जाता है।
इस उपलब्धि के बाद China की सरकारी मीडिया ने भी भारत की तारीफ की है। रिपोर्ट्स के अनुसार, चीन ने माना कि भारत अब अपने तीन-चरणीय परमाणु कार्यक्रम के दूसरे और सबसे अहम चरण में प्रवेश कर चुका है।
यह रिएक्टर भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। International Atomic Energy Agency के प्रमुख Rafael Grossi ने भी इस उपलब्धि पर भारत को बधाई दी है और इसे स्वच्छ ऊर्जा के भविष्य के लिए महत्वपूर्ण बताया है।
क्या होती है ‘क्रिटिकिटी’?
क्रिटिकिटी वह अवस्था होती है, जब परमाणु रिएक्टर के अंदर न्यूक्लियर फिशन (विखंडन) की प्रक्रिया अपने आप स्थिर रूप से चलने लगती है।
यानि अब रिएक्टर बिजली उत्पादन के लिए तैयार है।
PFBR की खासियत
यह रिएक्टर जितना ईंधन इस्तेमाल करता है, उससे ज्यादा नया ईंधन बना सकता है
भारत के थोरियम आधारित परमाणु कार्यक्रम के लिए अहम
ऊर्जा उत्पादन के साथ आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम
भारत के पास थोरियम का बड़ा भंडार है और यह रिएक्टर भविष्य में उस संसाधन के उपयोग की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह उपलब्धि भारत को वैश्विक परमाणु ऊर्जा क्षेत्र में एक मजबूत खिलाड़ी के रूप में स्थापित कर सकती है।
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