मध्य पूर्व में एक बार फिर तनाव चरम पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को सीधी सैन्य चेतावनी देते हुए स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज खोलने का अल्टीमेटम दिया है। ट्रंप ने साफ कहा है कि अगर ईरान ने यह समुद्री रास्ता नहीं खोला, तो अमेरिका ईरान के पावर प्लांट और प्रमुख पुलों पर सैन्य हमला कर सकता है।
दरअसल, स्ट्रेट ऑफ हॉर्मुज दुनिया के सबसे अहम तेल मार्गों में से एक है। दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल की सप्लाई इसी रास्ते से गुजरती है। ऐसे में अगर यह रास्ता बंद होता है, तो पूरी दुनिया में तेल की कीमतें बढ़ सकती हैं और वैश्विक अर्थव्यवस्था पर बड़ा असर पड़ सकता है।
डोनाल्ड ट्रंप ने सोशल मीडिया पर पोस्ट करते हुए ईरान को 48 घंटे की समयसीमा दी थी, लेकिन डेडलाइन खत्म होने के बाद ट्रंप ने और सख्त रुख अपनाया। उन्होंने कहा कि अगर ईरान ने उनकी बात नहीं मानी, तो मंगलवार को ईरान के पावर प्लांट और पुलों को निशाना बनाया जा सकता है। ट्रंप ने इसे ‘पावर प्लांट डे’ और ‘ब्रिज डे’ तक कह दिया।
ट्रंप ने यह भी कहा कि अमेरिका की सेना पूरी तरह तैयार है और जरूरत पड़ने पर ऐसा हमला किया जाएगा, जैसा दुनिया ने पहले कभी नहीं देखा होगा। इस बयान के बाद मध्य पूर्व में युद्ध का खतरा और बढ़ गया है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर अमेरिका और ईरान के बीच युद्ध होता है, तो इसका असर पूरी दुनिया पर पड़ेगा। तेल की कीमतें बढ़ेंगी, शेयर बाजार गिर सकते हैं और कई देशों की अर्थव्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
फिलहाल पूरी दुनिया की नजर अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी है। अब देखना यह होगा कि ईरान ट्रंप की चेतावनी के बाद क्या फैसला लेता है।
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