Thursday, May 7, 2026
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राघव चड्ढा कैसे बने Gen Z के फेवरेट सांसद? ऑक्सफोर्ड से संसद तक का पूरा सफर

राघव चड्ढा कैसे बन गए Gen Z के फेवरेट सांसद? जानिए पूरा राजनीतिक सफर

दिल्ली की राजनीति से निकलकर देश की संसद तक पहुंचने वाले राघव चड्ढा आज युवाओं के बीच सबसे लोकप्रिय नेताओं में गिने जाते हैं। सोशल मीडिया पर उनकी मजबूत पकड़, छात्रों और मध्यम वर्ग के मुद्दों पर खुलकर बोलना और आक्रामक लेकिन तथ्यों पर आधारित भाषण शैली ने उन्हें ‘Gen Z का फेवरेट सांसद’ बना दिया है।

राघव चड्ढा का जन्म 1988 में दिल्ली में हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से पढ़ाई की और फिर इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया से सीए की पढ़ाई पूरी की। महज 22 साल की उम्र में चार्टर्ड अकाउंटेंट बनने के बाद उन्होंने डेलॉइट और ग्रांट थॉर्नटन जैसी कंपनियों में काम किया। बाद में उन्होंने ऑक्सफोर्ड यूनिवर्सिटी से पब्लिक पॉलिसी की पढ़ाई की।

उनकी राजनीतिक शुरुआत 2011 के अन्ना हजारे के भ्रष्टाचार विरोधी आंदोलन से हुई, जहां उनकी मुलाकात अरविंद केजरीवाल, संजय सिंह और मनीष सिसोदिया से हुई। यही आंदोलन बाद में आम आदमी पार्टी की नींव बना और राघव चड्ढा पार्टी के शुरुआती सदस्यों में शामिल हो गए।

राघव चड्ढा जल्द ही आम आदमी पार्टी के राष्ट्रीय प्रवक्ता और बाद में राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष बने। 2020 में उन्होंने दिल्ली के राजेंद्र नगर से विधानसभा चुनाव जीता और पहली बार विधायक बने। इसके बाद 2022 में उन्हें राज्यसभा भेजा गया, जहां 33 साल की उम्र में वे देश के सबसे युवा राज्यसभा सांसदों में शामिल हुए।

राज्यसभा में अपने भाषणों के दौरान उन्होंने छात्रों के लोन, बेरोजगारी, टैक्स और मध्यम वर्ग के मुद्दों को जोरदार तरीके से उठाया। उनके कई भाषण सोशल मीडिया पर वायरल हुए, जिसके बाद युवा वर्ग में उनकी लोकप्रियता तेजी से बढ़ी।

राजनीति के अलावा उनकी निजी जिंदगी भी चर्चा में रही। उन्होंने बॉलीवुड अभिनेत्री परिणीति चोपड़ा से शादी की, जिसके बाद यह जोड़ी देश के चर्चित पावर कपल्स में शामिल हो गई।

हालांकि 2026 में पार्टी के अंदर कुछ घटनाक्रमों के बाद राघव चड्ढा की भूमिका को लेकर भी सवाल उठे हैं। कुछ महत्वपूर्ण राजनीतिक घटनाओं पर उनकी चुप्पी को लेकर चर्चा भी हुई है। अब यह देखना होगा कि आने वाले समय में उनकी राजनीतिक भूमिका किस दिशा में जाती है।

लेकिन इतना तय है कि राघव चड्ढा की कहानी आज की राजनीति का एक नया मॉडल दिखाती है — जहां पढ़ाई, प्रोफेशनल बैकग्राउंड, कम्युनिकेशन स्किल और सोशल मीडिया मिलकर एक नेता को ‘यूथ आइकन’ बना सकते हैं।

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