पश्चिम एशिया में जारी युद्ध का असर अब खेल जगत पर भी दिखाई देने लगा है। Iran ने संकेत दिया है कि मौजूदा हालात को देखते हुए उसकी राष्ट्रीय फुटबॉल टीम आगामी FIFA World Cup में हिस्सा नहीं ले सकती।
ईरान के खेल मंत्री Ahmad Dunyamali ने सरकारी मीडिया से बातचीत में कहा कि अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद देश की स्थिति बेहद संवेदनशील है। ऐसे हालात में खिलाड़ियों को विदेश भेजना सुरक्षित नहीं माना जा सकता।
हमलों के बाद बढ़ा तनाव
रिपोर्ट के अनुसार हाल ही में अमेरिका और इजरायल ने ईरान के कई ठिकानों पर हवाई हमले किए थे। इन हमलों में ईरान के सर्वोच्च नेता Ali Khamenei की मौत की खबर सामने आई थी, जिसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव और संघर्ष की स्थिति पैदा हो गई।
ईरान के खेल मंत्री ने कहा कि जिस देश ने हमारे नेता की हत्या की है, वहां आयोजित प्रतियोगिता में भाग लेना संभव नहीं है।
अमेरिका में होने थे सभी मैच
अगले वर्ष होने वाला FIFA World Cup 2026 अमेरिका, मेक्सिको और कनाडा में आयोजित किया जाएगा। इस टूर्नामेंट का आयोजन 11 जून से 19 जुलाई तक प्रस्तावित है।
ड्रॉ के अनुसार ईरान को बेल्जियम, मिस्र और न्यूजीलैंड के साथ एक ही समूह में रखा गया था। इस ग्रुप के सभी मैच अमेरिका के शहरों में खेले जाने थे, जिनमें लॉस एंजेलिस और सिएटल भी शामिल हैं।
फीफा कार्रवाई का खतरा
अगर ईरान आधिकारिक तौर पर टूर्नामेंट से नाम वापस लेता है, तो FIFA के नियमों के अनुसार उस पर आर्थिक जुर्माना लगाया जा सकता है। इसके अलावा भविष्य की प्रतियोगिताओं से निलंबन की भी संभावना जताई जा रही है।
इस बीच फीफा अध्यक्ष Gianni Infantino ने कहा कि उन्होंने अमेरिका के राष्ट्रपति Donald Trump से मुलाकात की है और अमेरिका ईरान की टीम का स्वागत करने के लिए तैयार है।
खेल पर युद्ध का असर
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि ईरान वास्तव में विश्व कप से हटता है तो यह फुटबॉल इतिहास की सबसे बड़ी राजनीतिक घटनाओं में से एक हो सकती है। इससे यह भी साफ हो जाता है कि पश्चिम एशिया में चल रहा संघर्ष अब वैश्विक खेल आयोजनों को भी प्रभावित करने लगा है।
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