प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में ‘सेवा तीर्थ’ में केंद्रीय मंत्रिमंडल की पहली बैठक आयोजित हुई, जिसमें विकास, ऊर्जा, कृषि और बुनियादी ढांचे से जुड़े कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
सरकार ने इन फैसलों को समावेशी विकास, रोजगार सृजन और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम बताया है।
केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने को मंजूरी
मंत्रिमंडल ने राज्य विधानसभा के सर्वसम्मत प्रस्ताव के अनुरूप केरल का नाम बदलकर ‘केरलम’ करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
यह प्रक्रिया Article 3 of the Constitution of India के तहत आगे बढ़ेगी। सरकार का कहना है कि यह कदम स्थानीय सांस्कृतिक पहचान और ऐतिहासिक भावना का सम्मान है।
9072 करोड़ की रेल परियोजनाएं
महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड के आठ जिलों में तीन मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दी गई है।
कुल लागत: 9072 करोड़ रुपये
307 किमी रेल नेटवर्क विस्तार
लगभग 5407 गांव और 98 लाख आबादी को लाभ
माल ढुलाई क्षमता में 52 मिलियन टन प्रतिवर्ष की वृद्धि
इन परियोजनाओं से कोयला, इस्पात, सीमेंट और खाद्यान्न के परिवहन में तेजी आएगी और पर्यावरणीय लक्ष्यों को भी बल मिलेगा।
ऊर्जा क्षेत्र में बड़ा निवेश
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने Power Grid Corporation of India (POWERGRID) को प्रति सहायक कंपनी 7500 करोड़ रुपये तक निवेश की अनुमति दी है।
इसका उद्देश्य 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म ऊर्जा क्षमता के लक्ष्य को हासिल करना है। अल्ट्रा हाई वोल्टेज और HVDC ट्रांसमिशन परियोजनाओं से स्वच्छ और सस्ती ऊर्जा को बढ़ावा मिलेगा।
जूट किसानों के लिए MSP में वृद्धि
विपणन सत्र 2026-27 के लिए कच्चे जूट का न्यूनतम समर्थन मूल्य 5925 रुपये प्रति क्विंटल तय किया गया है, जो उत्पादन लागत से 61.8 प्रतिशत अधिक है।
2014-15 में 2400 रुपये से बढ़कर अब 5925 रुपये तक पहुंचना किसानों की आय में उल्लेखनीय वृद्धि दर्शाता है।
श्रीनगर एयरपोर्ट और अहमदाबाद मेट्रो विस्तार
Srinagar International Airport पर 1677 करोड़ रुपये की लागत से सिविल एन्क्लेव विस्तार
वार्षिक क्षमता: 1 करोड़ यात्री
पर्यटन और रोजगार को बढ़ावा
साथ ही अहमदाबाद मेट्रो को गिफ्ट सिटी से शाहपुर तक 3.33 किमी विस्तार की मंजूरी दी गई है, जिसकी लागत लगभग 1067 करोड़ रुपये है।
राजनीतिक और विकासात्मक संदेश
विश्लेषकों का मानना है कि ये निर्णय विकास और क्षेत्रीय संतुलन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी राज्यों के चुनावों में भी असर डाल सकते हैं।
रेल, ऊर्जा, कृषि और विमानन क्षेत्र में लिए गए फैसले सरकार की बुनियादी ढांचे और आत्मनिर्भरता पर केंद्रित नीति को दर्शाते हैं।
निष्कर्ष
‘सेवा तीर्थ’ में हुई पहली कैबिनेट बैठक ने यह संकेत दिया है कि सरकार बुनियादी ढांचे, किसानों की आय, हरित ऊर्जा और कनेक्टिविटी को प्राथमिकता दे रही है।
इन निर्णयों का दीर्घकालिक प्रभाव आने वाले वर्षों में देश की आर्थिक गति और क्षेत्रीय विकास पर देखा जा सकता है।
![]()

