लखनऊ। राजधानी लखनऊ में रविवार, 1 नवंबर 2026 को मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का आयोजन किया गया। राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA), नई दिल्ली एवं उत्तर प्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के निर्देश पर प्रदेश के सभी जनपदों में आयोजित इस अभियान के तहत कैसरबाग स्थित पुराने उच्च न्यायालय परिसर के गेट नंबर-5 पर वृहद शिविर लगाया गया। इसमें जरूरतमंदों को निःशुल्क कानूनी सहायता, विधिक परामर्श और विभिन्न सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ उपलब्ध कराया गया। शिविर में दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, मत्स्य पालकों को आइस बॉक्स युक्त मोपेड, निराश्रित महिलाओं को पेंशन स्वीकृति प्रमाण पत्र तथा युवाओं को स्वरोजगार के लिए बैंक ऋण वितरित किए गए।
लखनऊ में आयोजित मेगा विधिक सहायता शिविर का शुभारंभ प्रभारी जनपद न्यायाधीश श्री जैनेन्द्र कुमार पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर एवं मां सरस्वती की प्रतिमा पर माल्यार्पण करके किया। कार्यक्रम का आयोजन जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष श्री मलखान सिंह के निर्देशन में किया गया।
इस अवसर पर अपर जिला जज एवं नोडल अधिकारी श्री प्रकाश तिवारी, अपर जिलाधिकारी एवं नोडल अधिकारी श्री राज बहादुर सिंह, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा सहित न्यायिक अधिकारी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी, पराविधिक स्वयंसेवक, नामिका अधिवक्ता एवं लीगल एड डिफेंस काउंसिल के अधिवक्ता उपस्थित रहे।
लखनऊ मेगा विधिक सहायता शिविर का उद्देश्य, एक ही स्थान पर मिलेगी कानूनी मदद
जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव श्री कुँवर मित्रेश सिंह कुशवाहा ने बताया कि मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का मुख्य उद्देश्य समाज के कमजोर, वंचित और आर्थिक रूप से पिछड़े वर्गों को निःशुल्क कानूनी सहायता उपलब्ध कराने के साथ उन्हें केंद्र एवं उत्तर प्रदेश सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं से जोड़ना है।
उन्होंने बताया कि शिविर में दिव्यांगजन, महिलाएं, बच्चे, निर्धन परिवार, असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों तथा अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति के पात्र नागरिकों को विशेष रूप से लाभान्वित करने का प्रयास किया गया। इसके तहत निःशुल्क विधिक परामर्श, कानूनी सहायता, लोक अदालत से संबंधित जानकारी और विभिन्न सरकारी विभागों की सेवाएं एक ही स्थान पर उपलब्ध कराई गईं।

कई सरकारी विभागों ने लगाए स्टॉल, मौके पर मिली योजनाओं की जानकारी
लखनऊ के इस वृहद विधिक सहायता शिविर में जिला विकास एवं खंड विकास विभाग, समाज कल्याण विभाग, दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग, महिला एवं बाल कल्याण विभाग, शिक्षा विभाग, कृषि एवं मत्स्य पालन विभाग, श्रम कल्याण विभाग, पुलिस विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, परिवार कल्याण, कौशल विकास, उद्योग, राजस्व, परिवहन, आवास एवं नगर विकास विभाग ने सहभागिता की।
इसके अतिरिक्त बैंक एवं बीमा योजनाओं से जुड़े संस्थानों, नाबार्ड, केंद्रीय औषधीय एवं सगंध पौधा अनुसंधान संस्थान, नगर निगम, डूडा, खाद्य एवं रसद विभाग तथा स्वयंसेवी संस्थाओं की ओर से भी स्टॉल और हेल्प डेस्क लगाए गए।
इन स्टॉलों के माध्यम से नागरिकों को सरकारी योजनाओं की पात्रता, आवेदन प्रक्रिया, आवश्यक दस्तावेजों और मिलने वाली सुविधाओं की जानकारी दी गई। पात्र लाभार्थियों को मौके पर ही विभिन्न योजनाओं के स्वीकृति प्रमाण पत्र एवं अन्य सहायता उपलब्ध कराई गई।
दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल, मत्स्य पालकों को आइस बॉक्स वाली मोपेड
मेगा विधिक सहायता शिविर में दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की ओर से पात्र दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल वितरित की गई। वहीं, मत्स्य विभाग की ओर से लाभार्थियों को आइस बॉक्स युक्त मोपेड प्रदान की गई। इसका उद्देश्य संबंधित लाभार्थियों की आजीविका और आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहन देना रहा।
उत्तर प्रदेश भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड की कन्या विवाह सहायता योजना के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को प्रमाण पत्र दिए गए। जिला प्रोबेशन कार्यालय की ओर से निराश्रित महिला पेंशन योजना के स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।

मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला और मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के प्रमाण पत्र वितरित
शिविर में मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना के अंतर्गत लाभार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए गए। उत्तर प्रदेश मुख्यमंत्री बाल सेवा योजना के तहत कोविड-19 महामारी के दौरान अपने माता-पिता अथवा संरक्षक को खोने वाले बच्चों के पालन-पोषण, शिक्षा एवं संरक्षण के लिए पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इसके अलावा समाज कल्याण विभाग की राष्ट्रीय पारिवारिक लाभ योजना के तहत पात्र परिवारों को भी स्वीकृति प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
मुख्यमंत्री युवा योजना और पीएम स्वनिधि से स्वरोजगार को बढ़ावा
युवाओं को स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से मुख्यमंत्री युवा योजना के अंतर्गत बैंक के माध्यम से व्यापारिक ऋण वितरित किए गए। वहीं, प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत रेहड़ी-पटरी और छोटे कारोबारियों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए प्रमाण पत्र प्रदान किए गए।
प्रधानमंत्री आवास योजना शहरी-2.0 के अंतर्गत पात्र लाभार्थियों को स्वीकृति प्रमाण पत्र दिए गए। इन योजनाओं के माध्यम से आवास, स्वरोजगार और आर्थिक सशक्तिकरण से जुड़ी सरकारी सहायता को जरूरतमंद लोगों तक पहुंचाने का प्रयास किया गया।
किसानों और क्षय रोगियों को भी मिली सरकारी सहायता
शिविर में कृषि विभाग की ओर से प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत प्रशस्ति पत्र वितरित किए गए। दुग्धशाला विकास विभाग ने पंजीकरण प्रमाण पत्र प्रदान किए, जबकि नंद बाबा दुग्ध मिशन के अंतर्गत मुख्यमंत्री स्वदेशी गौ संवर्धन योजना के लाभार्थियों को भी प्रमाण पत्र वितरित किए गए।
इसके साथ ही क्षय रोगियों को पोषण संबंधी सहायता के लिए पुष्टाहार पोटली प्रदान की गई।

जरूरतमंदों को न्याय और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाने की पहल
लखनऊ में आयोजित मेगा विधिक सहायता एवं सेवा शिविर का उद्देश्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्यायिक सहायता और सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना रहा। एक ही परिसर में विभिन्न विभागों की मौजूदगी से नागरिकों को योजनाओं की जानकारी, आवेदन संबंधी मार्गदर्शन और कानूनी परामर्श प्राप्त करने की सुविधा मिली।
इस पहल के माध्यम से जरूरतमंद नागरिकों को उनके कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूक करने, निःशुल्क विधिक सहायता तक पहुंच आसान बनाने और सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रयास किया गया।
![]()

