देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा NEET-UG 2026 पेपर लीक मामले में केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने बड़ा एक्शन लेते हुए मुख्य आरोपी और कथित मास्टरमाइंड पी.वी. कुलकर्णी को पुणे से गिरफ्तार कर लिया है। जांच एजेंसी के मुताबिक कुलकर्णी परीक्षा से पहले छात्रों को असली प्रश्नपत्र के सवाल और जवाब लिखवाता था। इस मामले में अब तक कुल 7 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है।
सीबीआई की जांच में सामने आया है कि पी.वी. कुलकर्णी रसायन विज्ञान के लेक्चरर रह चुके हैं और वे NEET परीक्षा के प्रश्नपत्र तैयार करने वाली समिति का हिस्सा थे। इसी कारण उनके पास परीक्षा से जुड़े गोपनीय दस्तावेजों तक पहुंच थी। आरोप है कि अप्रैल 2026 के अंतिम सप्ताह में कुलकर्णी ने अपने पुणे स्थित घर पर कुछ छात्रों को बुलाकर विशेष कोचिंग क्लास चलाई थी।
छात्रों को पहले ही रटवाए गए थे सवाल
सीबीआई के अनुसार कुलकर्णी ने आरोपी मनीषा वाघमारे की मदद से छात्रों को संगठित किया और उन्हें संभावित नहीं बल्कि असली प्रश्नपत्र के सवाल, विकल्प और सही उत्तर लिखवाए। छात्रों ने इन सवालों को अपनी नोटबुक में हाथ से लिखा था। जांच में यह भी सामने आया कि ये सवाल 3 मई 2026 को आयोजित NEET-UG परीक्षा के असली प्रश्नपत्र से हूबहू मेल खाते थे।
सीबीआई ने बताया कि अब तक जयपुर, गुरुग्राम, नासिक, पुणे और अहिलियानगर से कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इनमें से 5 आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद 7 दिन की पुलिस हिरासत में भेजा गया है। वहीं हाल ही में गिरफ्तार किए गए दो अन्य आरोपियों को ट्रांजिट रिमांड पर दिल्ली लाया जा रहा है।
लातूर का कोचिंग सेंटर भी जांच के घेरे में
इस मामले में महाराष्ट्र के लातूर स्थित एक बड़े कोचिंग सेंटर का नाम भी सामने आया है। सीबीआई ने शुक्रवार को रेनुकाई केमिस्ट्री क्लासेज (RCC) के निदेशक शिवराज मोटेगांवकर से लंबी पूछताछ की। सीबीआई की 28 सदस्यीय टीम फिलहाल लातूर में डेरा डाले हुए है और मामले की कई एंगल से जांच कर रही है।
जांच एजेंसी की टीम गुरुवार रात और शुक्रवार तड़के शिवनगर क्षेत्र स्थित ओमकार रेजिडेंसी में मोटेगांवकर के आवास पर पहुंची। हालांकि मीडिया के सवालों पर सीबीआई अधिकारियों ने जांच से जुड़ी कोई जानकारी साझा नहीं की।
चार साल पहले रिटायर हुए थे कुलकर्णी
अधिकारियों के मुताबिक पी.वी. कुलकर्णी चार साल पहले महाराष्ट्र के एक प्रतिष्ठित कॉलेज से रिटायर हुए थे। रिटायरमेंट के बाद भी वे परीक्षा प्रणाली से जुड़े रहे और इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर पेपर लीक नेटवर्क तैयार किया।
गौरतलब है कि मेडिकल कॉलेजों में दाखिले के लिए 3 मई 2026 को NEET-UG परीक्षा आयोजित की गई थी। लेकिन पेपर लीक के आरोप सामने आने के बाद 12 मई को परीक्षा रद्द कर दी गई थी। अब लाखों छात्र दोबारा परीक्षा की नई तारीख का इंतजार कर रहे हैं।
सीबीआई इस मामले में लगातार छापेमारी और पूछताछ कर रही है। जांच एजेंसी को शक है कि पेपर लीक नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हो सकता है। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियां होने की संभावना जताई जा रही है।
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