दुनिया की नजरें इस समय अमेरिका और चीन के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी हुई हैं। इसी बीच भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अपनी पांच देशों की यात्रा के दौरान संयुक्त अरब अमीरात यानी United Arab Emirates पहुंचकर ऐसा कूटनीतिक संदेश दिया, जिसकी चर्चा पूरी दुनिया में हो रही है।
यूएई में पीएम मोदी का भव्य स्वागत किया गया। इस दौरान उन्होंने यूएई नेतृत्व को “ब्रदर” कहकर संबोधित किया, जिसने दोनों देशों की दोस्ती और मजबूत रिश्तों को दुनिया के सामने एक बार फिर दिखा दिया। पीएम मोदी ने कहा कि यह सम्मान सिर्फ उनका नहीं बल्कि भारत के 140 करोड़ लोगों का सम्मान है।
ऊर्जा संकट के बीच भारत की बड़ी रणनीति
वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव के कारण इस समय पूरी दुनिया ऊर्जा संकट की चिंता से जूझ रही है। पश्चिम एशिया में बिगड़ते हालात का असर तेल और गैस की सप्लाई पर भी पड़ सकता है। ऐसे समय में पीएम मोदी का यूएई दौरा बेहद अहम माना जा रहा है।
भारत दुनिया के सबसे बड़े ऊर्जा उपभोक्ता देशों में शामिल है और यूएई भारत का महत्वपूर्ण रणनीतिक और व्यापारिक साझेदार है। माना जा रहा है कि इस दौरे का उद्देश्य केवल कूटनीतिक संबंध मजबूत करना ही नहीं बल्कि ऊर्जा सुरक्षा को लेकर दीर्घकालिक रणनीति तैयार करना भी है।
पीएम मोदी ने यूएई हमलों की निंदा की
अपने संबोधन में पीएम मोदी ने यूएई पर हुए हमलों की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि किसी भी देश की संप्रभुता और सुरक्षा पर हमला स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने यूएई नेतृत्व की शांति, संयम और साहस की भी सराहना की।
पीएम मोदी ने कहा कि भारत हर परिस्थिति में यूएई के साथ कंधे से कंधा मिलाकर खड़ा रहेगा। उन्होंने यह भी दोहराया कि भारत हमेशा समस्याओं के समाधान के लिए डायलॉग और डिप्लोमेसी को प्राथमिकता देता है।
भारतीय समुदाय की सुरक्षा पर जताया आभार
प्रधानमंत्री मोदी ने यूएई में रहने वाले भारतीय समुदाय का विशेष उल्लेख करते हुए वहां की सरकार और रॉयल फैमिली का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि कठिन समय में भारतीयों की सुरक्षा और देखभाल जिस तरह की गई, वह बेहद सराहनीय है।
यूएई में लाखों भारतीय काम करते हैं और दोनों देशों के आर्थिक रिश्तों में भारतीय समुदाय की बड़ी भूमिका मानी जाती है।
भारत-UAE साझेदारी को नई ऊंचाई
पीएम मोदी ने कहा कि भारत और यूएई के बीच कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप लगातार मजबूत हो रही है। जनवरी में हुई यूएई नेतृत्व की भारत यात्रा के बाद दोनों देशों ने कई क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति जताई थी।
कम समय में व्यापार, निवेश, ऊर्जा, टेक्नोलॉजी और सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय प्रगति देखने को मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि भारत इस समय दुनिया में बदलते समीकरणों के बीच खुद को एक मजबूत और भरोसेमंद वैश्विक शक्ति के रूप में स्थापित करने की कोशिश कर रहा है।
दुनिया क्यों देख रही भारत की ओर?
अमेरिका-चीन तनाव, पश्चिम एशिया संकट और ऊर्जा अस्थिरता के बीच भारत की संतुलित विदेश नीति दुनिया का ध्यान खींच रही है। पीएम मोदी की यह यात्रा केवल कूटनीतिक दौरा नहीं बल्कि भारत की वैश्विक रणनीति का बड़ा संकेत मानी जा रही है।
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