नेपाल की राजनीति में इस बार बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। Balen Shah यानी बालेन शाह ने नेपाल के आम चुनाव में ऐतिहासिक जीत दर्ज कर देश की राजनीति में नई हलचल पैदा कर दी है।
बालेन शाह ने झापा-5 सीट से चुनाव जीतते हुए नेपाल के चार बार प्रधानमंत्री रह चुके K. P. Sharma Oli को बड़े अंतर से हरा दिया। चुनाव परिणामों के मुताबिक बालेन शाह को 68,348 वोट मिले, जबकि ओली को 49,614 वोटों से हार का सामना करना पड़ा।
नेपाल में युवाओं के बीच बेहद लोकप्रिय बालेन शाह को अब देश के अगले प्रधानमंत्री के रूप में देखा जा रहा है। उनकी जीत को नेपाल की राजनीति में एक बड़े बदलाव के रूप में देखा जा रहा है।
इस जीत के बाद भारत के प्रधानमंत्री Narendra Modi ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर नेपाल की जनता और नई सरकार को बधाई दी। उन्होंने कहा कि नेपाल के लोगों को अपने लोकतांत्रिक अधिकारों का उत्साह के साथ इस्तेमाल करते देखना बेहद प्रेरणादायक है और भारत नेपाल की नई सरकार के साथ मिलकर काम करने के लिए प्रतिबद्ध है।
अन्य बड़े नेताओं का प्रदर्शन
नेपाल के पूर्व प्रधानमंत्री Pushpa Kamal Dahal ने परकुम पूर्व सीट से चुनाव जीत लिया है। उन्होंने 6,778 वोटों के अंतर से जीत दर्ज की।
वहीं Madhav Kumar Nepal को इस चुनाव में बड़ी हार का सामना करना पड़ा। रौतहट निर्वाचन क्षेत्र से चुनाव लड़ रहे माधव कुमार नेपाल तीसरे स्थान तक भी नहीं पहुंच सके।
पूर्व प्रधानमंत्री Baburam Bhattarai ने पहले गोरखा-2 सीट से चुनाव लड़ने की घोषणा की थी, लेकिन बाद में उन्होंने अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली।
इसके अलावा दो अन्य पूर्व प्रधानमंत्री Sher Bahadur Deuba और Jhala Nath Khanal इस चुनाव में मैदान में नहीं उतरे।
काठमांडू के मेयर से राष्ट्रीय नेता तक
बालेन शाह पहली बार 2022 में चर्चा में आए थे जब उन्होंने काठमांडू महानगर के मेयर का चुनाव एक स्वतंत्र उम्मीदवार के रूप में जीतकर सबको चौंका दिया था। उनका नारा “Time for Change” यानी “बदलाव का समय” काफी लोकप्रिय हुआ।
मेयर बनने के बाद उन्होंने अवैध निर्माण हटाने, ट्रैफिक व्यवस्था सुधारने और प्रशासन में पारदर्शिता बढ़ाने जैसे कई कदम उठाए।
राष्ट्रीय राजनीति में तेजी से उभार
बाद में बालेन शाह ने Rastriya Swatantra Party जॉइन की, जिसका नेतृत्व Rabi Lamichhane कर रहे हैं। पार्टी ने उन्हें प्रधानमंत्री पद का उम्मीदवार घोषित किया, जिसके बाद उनकी लोकप्रियता और तेजी से बढ़ी।
नेपाल में उन्हें खासतौर पर Gen-Z यानी युवा पीढ़ी का सबसे बड़ा राजनीतिक चेहरा माना जाता है। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं से सीधे संवाद कर उन्होंने एक नया राजनीतिक मॉडल पेश किया है।
हालांकि उनके कार्यकाल के दौरान कुछ विवाद भी सामने आए। सड़कों से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई को लेकर मानवाधिकार संगठनों ने आलोचना की थी। वहीं उनके कार्यालय में लगाए गए “ग्रेटर नेपाल” के नक्शे को लेकर भी विवाद हुआ था, जिसमें भारत के कुछ हिस्सों को नेपाल का हिस्सा दिखाया गया था।
फिलहाल बालेन शाह की जीत को नेपाल की राजनीति में एक नए युग की शुरुआत माना जा रहा है।
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