LPG मुद्दे पर बहस के दौरान लोकसभा में राहुल गांधी और सरकार आमने-सामने
लोकसभा में एलपीजी की कमी को लेकर चर्चा के दौरान राजनीतिक विवाद बढ़ गया, जब विपक्ष के नेता राहुल गांधी और केंद्र सरकार के बीच तीखी बयानबाज़ी देखने को मिली। केंद्रीय संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने राहुल गांधी पर आरोप लगाया कि उन्हें एलपीजी के मुद्दे पर बोलने की विशेष अनुमति दी गई थी, लेकिन उन्होंने इसकी जगह वैश्विक मुद्दों पर चर्चा शुरू कर दी।
रिजिजू ने लगाए गंभीर आरोप
गुरुवार को आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में किरेन रिजिजू ने कहा कि राहुल गांधी को एलपीजी की कमी पर बोलने के लिए विशेष अनुमति दी गई थी। लेकिन उन्होंने इस मुद्दे पर बोलने के बजाय अंतरराष्ट्रीय घटनाओं का जिक्र करना शुरू कर दिया।
रिजिजू के अनुसार, जब केंद्रीय पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्री हरदीप सिंह पुरी लोकसभा में अपना बयान दे रहे थे, उस दौरान विपक्षी सांसदों द्वारा हंगामा किया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने अपने सांसदों को वेल में भेज दिया, कागज फाड़कर फेंके गए और सदन की कार्यवाही बाधित हुई, जिसके चलते लोकसभा को स्थगित करना पड़ा।
राहुल गांधी ने क्या कहा
लोकसभा में बोलते हुए राहुल गांधी ने पश्चिम एशिया में बढ़ते संघर्ष को लेकर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि अमेरिका, इज़राइल और ईरान के बीच चल रहा युद्ध वैश्विक स्तर पर बड़े प्रभाव डाल सकता है।
राहुल गांधी ने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य, जहां से दुनिया के लगभग 20 प्रतिशत तेल का परिवहन होता है, उसके बंद होने से भारत की ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि भारत की बड़ी मात्रा में तेल और गैस इसी मार्ग से होकर आती है, इसलिए स्थिति चिंताजनक है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऊर्जा सुरक्षा किसी भी देश की स्थिरता और आर्थिक मजबूती की आधारशिला होती है और इस पर विशेष ध्यान देने की जरूरत है।
ऊर्जा संकट को लेकर चेतावनी
राहुल गांधी ने यह भी कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव के कारण भविष्य में ऊर्जा आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है। उन्होंने कहा कि स्थिति अभी शुरुआत में है, लेकिन इसके दूरगामी परिणाम हो सकते हैं।
इस मुद्दे को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच बहस तेज हो गई है और संसद में इस विषय पर राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप जारी हैं।
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