भारत एक बार फिर वैश्विक कूटनीति के केंद्र में नजर आ रहा है। राजधानी दिल्ली में क्वाड (QUAD) देशों के विदेश मंत्रियों की अहम बैठक आयोजित होने जा रही है, जिसमें हिंद-प्रशांत क्षेत्र की सुरक्षा, चीन की बढ़ती आक्रामकता और पश्चिम एशिया संकट जैसे बड़े मुद्दों पर चर्चा होगी।
इस महत्वपूर्ण बैठक की अगुवाई भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar करेंगे। बैठक में अमेरिका के विदेश मंत्री Marco Rubio, ऑस्ट्रेलिया की विदेश मंत्री Penny Wong और जापान के विदेश मंत्री Toshimitsu Motegi शामिल होंगे।
सूत्रों के मुताबिक, इन नेताओं की प्रधानमंत्री Narendra Modi से मुलाकात की भी संभावना है। इसके अलावा विदेश मंत्री एस जयशंकर के साथ अलग-अलग द्विपक्षीय बैठकें भी आयोजित की जाएंगी।
विदेश मंत्रालय के अनुसार, इस बैठक का मुख्य उद्देश्य हिंद-प्रशांत क्षेत्र में “फ्री एंड ओपन इंडो-पैसिफिक” यानी स्वतंत्र और खुले हिंद-प्रशांत क्षेत्र के विजन को आगे बढ़ाना है। क्वाड देशों के बीच सुरक्षा, रणनीतिक सहयोग और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर साझा एजेंडे पर विस्तार से चर्चा होगी।
भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया से मिलकर बना QUAD समूह बीते कुछ वर्षों में वैश्विक रणनीतिक मंच के रूप में तेजी से उभरा है। चीन की समुद्री गतिविधियों और एशिया-प्रशांत क्षेत्र में उसके बढ़ते प्रभाव के बीच यह समूह लगातार मजबूत होता दिखाई दे रहा है।
विदेश मंत्रालय ने कहा है कि बैठक में 1 जुलाई 2025 को वॉशिंगटन डीसी में हुई पिछली वार्ता की प्रगति की समीक्षा भी की जाएगी। साथ ही साइबर सुरक्षा, समुद्री सुरक्षा, आपदा प्रबंधन, सप्लाई चेन और नई तकनीकों में सहयोग को लेकर भी चर्चा होने की संभावना है।
जानकारों का मानना है कि इस बार की बैठक में भू-राजनीतिक तनाव सबसे बड़ा मुद्दा रहेगा। विशेष रूप से यूक्रेन युद्ध और पश्चिम एशिया में जारी संघर्षों के प्रभाव पर QUAD देशों के विदेश मंत्री साझा रणनीति तैयार कर सकते हैं।
इसके अलावा हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन की बढ़ती सैन्य गतिविधियों और आक्रामक रुख पर भी गहन चर्चा होने की उम्मीद है। हाल के वर्षों में दक्षिण चीन सागर और ताइवान क्षेत्र को लेकर बढ़ते तनाव ने QUAD देशों की चिंता बढ़ाई है।
भारत इस समय QUAD का अध्यक्ष देश है और ऐसे में यह बैठक भारत की कूटनीतिक भूमिका को और मजबूत करने वाली मानी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि भारत QUAD के जरिए हिंद-प्रशांत क्षेत्र में संतुलन बनाने और रणनीतिक साझेदारी मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
राजनीतिक और रणनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, यह बैठक सिर्फ सुरक्षा सहयोग तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि आर्थिक साझेदारी, टेक्नोलॉजी सहयोग और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला को मजबूत करने जैसे मुद्दों पर भी अहम फैसले हो सकते हैं।
दिल्ली में होने वाली यह QUAD बैठक ऐसे समय में हो रही है, जब दुनिया कई मोर्चों पर अस्थिरता और संघर्षों का सामना कर रही है। ऐसे में इस बैठक के नतीजों पर पूरी दुनिया की नजरें टिकी हुई हैं।
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