मऊ। उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मऊ जिले के मधुबन में आयोजित एक जनसभा को संबोधित करते हुए समाजवादी पार्टी (सपा) पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों के दौरान प्रदेश में माफिया और गुंडों का बोलबाला था, जबकि भाजपा सरकार ने कानून-व्यवस्था को मजबूत कर आम जनता को सुरक्षा का माहौल दिया है।
मुख्यमंत्री योगी ने कहा कि पहले प्रदेश में त्योहारों और धार्मिक आयोजनों के दौरान अराजक तत्व माहौल खराब करने की कोशिश करते थे, लेकिन अब ऐसा करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जो लोग यज्ञ, धार्मिक कार्यक्रमों या त्योहारों में बाधा डालने का प्रयास करेंगे, उनका हश्र रावण और कंस की तरह होगा।
उन्होंने कहा कि पहले बेटियां सुरक्षित नहीं थीं। स्कूल और कॉलेज जाने वाली छात्राओं को परेशान किया जाता था और परिवार हमेशा भय के माहौल में जीते थे। व्यापारियों को भी समय से पहले अपनी दुकानें बंद करनी पड़ती थीं। लेकिन आज प्रदेश में सुरक्षा का वातावरण है और बेटियां तथा व्यापारी खुद को सुरक्षित महसूस कर रहे हैं।
योगी आदित्यनाथ ने समाजवादी पार्टी पर माफिया तत्वों को संरक्षण देने का आरोप लगाते हुए कहा कि पिछली सरकारें जनकल्याणकारी योजनाओं को प्रभावी ढंग से लागू नहीं कर सकीं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार ने गरीबों, किसानों, महिलाओं और युवाओं के लिए अनेक योजनाएं शुरू कीं, लेकिन 2014 से 2017 के बीच प्रदेश में सपा सरकार ने इन योजनाओं को जनता तक पहुंचाने में रुचि नहीं दिखाई।
मुख्यमंत्री ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लाखों गरीब परिवारों को आवास, शौचालय, मुफ्त राशन और स्वास्थ्य सुविधाओं का लाभ मिला है। उन्होंने बताया कि प्रदेश में करोड़ों लोगों को मुफ्त स्वास्थ्य सेवाओं का लाभ दिया जा रहा है और सरकार गरीबों के जीवन स्तर को बेहतर बनाने के लिए लगातार काम कर रही है।
अपने संबोधन में योगी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के उस विचार का भी उल्लेख किया, जिसमें उन्होंने गरीब, युवा, महिला और किसान को देश की चार प्रमुख जातियां बताया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन वर्गों का विकास ही देश और प्रदेश की प्रगति का आधार है।
सभा के दौरान मुख्यमंत्री ने भाजपा सरकार की उपलब्धियों को गिनाते हुए जनता से विकास और सुशासन के लिए सरकार का साथ देने की अपील की। उनके इस बयान को आगामी राजनीतिक समीकरणों और चुनावी माहौल के बीच एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश के रूप में देखा जा रहा है।
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