Tuesday, May 12, 2026
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सोमनाथ से काशी तक CM योगी का बड़ा संदेश, बोले- सनातन संस्कृति अमर है

Varanasi में आयोजित ‘सोमनाथ संकल्प महोत्सव’ में मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने सनातन धर्म, काशी विश्वनाथ और सोमनाथ मंदिरों के ऐतिहासिक महत्व पर बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म को मिटाने का प्रयास करने वाले आक्रमणकारी खुद इतिहास की धूल में मिल गए, लेकिन भारत की आध्यात्मिक चेतना आज भी अटूट और अमर है।

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि काशी और सोमनाथ केवल मंदिर नहीं, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक आत्मसम्मान के प्रतीक हैं। उन्होंने कहा कि इतिहास गवाह है कि सनातन संस्कृति पर कई बार हमले हुए, लेकिन इसे कभी पराजित नहीं किया जा सका।

सीएम योगी ने कहा कि सोमनाथ मंदिर पर 17 बार आक्रमण कर उसकी महिमा को मिटाने की कोशिश की गई। विदेशी आक्रमणकारियों को यह भ्रम था कि मंदिरों को तोड़कर भारत की आत्मा को भी खत्म किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि मोहम्मद गोरी से लेकर मुगलों तक कई शासकों ने भारत की सांस्कृतिक पहचान मिटाने का प्रयास किया, लेकिन वे असफल रहे।

उन्होंने औरंगजेब का उल्लेख करते हुए कहा कि प्राचीन काशी विश्वनाथ मंदिर को ध्वस्त कर वहां गुलामी का प्रतीक ढांचा खड़ा किया गया था, लेकिन भारत की चेतना को कोई नहीं तोड़ सका। मुख्यमंत्री ने कहा कि सनातन धर्म केवल मंदिरों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह भारत की आत्मा और जनमानस में बसा हुआ है।

योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जिन्होंने सनातन धर्म को समाप्त करने का प्रयास किया, वे स्वयं समय के साथ मिट गए। उन्होंने कहा कि भारत की आत्मा शाश्वत और अमर है, जिसे कोई ताकत समाप्त नहीं कर सकती।

मुख्यमंत्री ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण और Kashi Vishwanath Temple कॉरिडोर के विकास को भारत के सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि स्वतंत्रता के बाद देश केवल राजनीतिक रूप से ही नहीं, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी स्वतंत्र होना चाहता था।

सीएम योगी ने इस सांस्कृतिक पुनरुत्थान का श्रेय Sardar Vallabhbhai Patel को देते हुए कहा कि सरदार पटेल ने सोमनाथ मंदिर के पुनर्निर्माण का संकल्प लिया था। उन्होंने कहा कि सोमनाथ का पुनर्निर्माण केवल मंदिर निर्माण नहीं था, बल्कि यह राष्ट्र के आत्मसम्मान और सांस्कृतिक स्वतंत्रता की पुनर्स्थापना का प्रतीक था।

कार्यक्रम के दौरान बड़ी संख्या में संत, श्रद्धालु और गणमान्य लोग मौजूद रहे। मुख्यमंत्री के इस संबोधन के बाद राजनीतिक और सामाजिक हलकों में चर्चा तेज हो गई है।

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