लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड में 15 लोगों की दर्दनाक मौत के बाद उत्तर प्रदेश सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। उत्तर प्रदेश के डिप्टी मुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने कहा है कि इस हादसे के जिम्मेदार लोगों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने बताया कि अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है और कई अधिकारियों को निलंबित किया गया है।
डिप्टी सीएम ने दिया सख्त संदेश
ब्रजेश पाठक ने कहा कि घटना की गंभीरता को देखते हुए जांच तेज कर दी गई है। उन्होंने बताया कि विशेष जांच दल (SIT) की रिपोर्ट के आधार पर आगे और कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे और किसी भी प्रकार की लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जाएगा।
4 आरोपी गिरफ्तार, कई अधिकारी निलंबित
सरकारी जानकारी के मुताबिक, बीती रात से अब तक चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इसके अलावा कई अधिकारियों को भी निलंबित किया गया है।
जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि सुरक्षा मानकों में कहां चूक हुई और इस घटना के लिए कौन-कौन जिम्मेदार है।
पुलिस ने इमारत को किया सील
Lucknow पुलिस ने अलीगंज इलाके की उस इमारत को पूरी तरह सील कर दिया है, जहां आग लगी थी।
फोरेंसिक टीम और अग्निशमन विभाग के अधिकारी मौके से सबूत जुटा रहे हैं। जांच प्रभावित न हो, इसके लिए इलाके में भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और आम लोगों के प्रवेश पर रोक लगा दी गई है।
किन धाराओं में दर्ज हुई FIR?
पुलिस ने छह नामजद आरोपियों और अन्य जिम्मेदार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है।
एफआईआर में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराएं शामिल हैं:
धारा 110
धारा 105
धारा 125
धारा 3(5)
इसके अलावा Uttar Pradesh Fire Service Act की धारा 6 और 10 के तहत भी मामला दर्ज किया गया है।
प्रत्यक्षदर्शियों ने बताई भयावह स्थिति
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग लगते ही इमारत में अफरा-तफरी मच गई थी। कई लोग अपनी जान बचाने के लिए खिड़कियों से बाहर निकलने लगे।
एक व्यक्ति ने जान बचाने के लिए इमारत से छलांग लगा दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया।
आग लगने की वजह अभी साफ नहीं
फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। जांच एजेंसियां सभी तकनीकी पहलुओं की जांच कर रही हैं और अंतिम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
कांग्रेस ने उठाए सवाल
कांग्रेस सांसद Jebi Mather ने ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति पर चिंता जताते हुए जवाबदेही तय करने और सुरक्षा नियमों को और सख्त बनाने की मांग की है।
उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाएं पहले भी कई शहरों में हो चुकी हैं और भविष्य में इन्हें रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाना जरूरी है।
निष्कर्ष
लखनऊ का यह अग्निकांड सुरक्षा व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े करता है। सरकार ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है, लेकिन अब सबकी नजर SIT रिपोर्ट पर टिकी हुई है। आने वाले दिनों में यह साफ होगा कि इस हादसे के लिए आखिर कौन जिम्मेदार था और उनके खिलाफ क्या कार्रवाई होती है।
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