लखनऊ चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी (LCAS) के 65 चार्टर्ड अकाउंटेंट्स का शैक्षणिक भ्रमण सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद सभी सदस्य बुधवार को उड़ीसा से वापस लौट आए। इस अध्ययन दौरे का मुख्य उद्देश्य आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि 31 जुलाई के बाद लागू होने वाले इनकम टैक्स एक्ट 2025, कर कानूनों में हुए नवीनतम बदलावों तथा पेशे में तेजी से बढ़ रहे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के उपयोग को समझना था।
कार्यक्रम के दौरान विशेषज्ञों ने कराधान, वित्तीय अनुपालन और तकनीकी नवाचारों से जुड़े विभिन्न विषयों पर विस्तृत जानकारी साझा की। प्रतिभागियों ने बदलते कानूनी प्रावधानों और डिजिटल तकनीकों के प्रभाव पर गहन चर्चा करते हुए अपने व्यावसायिक ज्ञान को और अधिक सशक्त बनाने का प्रयास किया।
सीए प्रदीप गोयल ने साझा किए अनुभव
आईसीएआई के पूर्व चेयरमैन एवं वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए प्रदीप गोयल ने बताया कि इस शैक्षणिक भ्रमण के दौरान लखनऊ के युवा चार्टर्ड अकाउंटेंट सीए अर्थराज गोयल ने वरिष्ठ एवं युवा सीए सदस्यों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के व्यावहारिक उपयोग, आधुनिक अकाउंटिंग प्रक्रियाओं और भविष्य में इसकी भूमिका पर विस्तार से जानकारी दी।
उन्होंने बताया कि वे पिछले लगभग 25 वर्षों से ऐसे शैक्षणिक भ्रमण कार्यक्रमों में लगातार भाग लेते रहे हैं। उनका मानना है कि इस प्रकार के अध्ययन दौरे से पेशेवर ज्ञान के साथ-साथ अनुभवों का आदान-प्रदान भी होता है। उन्होंने लखनऊ के सभी नए चार्टर्ड अकाउंटेंट्स से अपील की कि वे भविष्य में आयोजित होने वाले ऐसे कार्यक्रमों में सक्रिय रूप से भाग लें ताकि बदलते कानूनों और तकनीकों की बेहतर समझ विकसित हो सके।
AI और नए कानूनों को अपनाने पर जोर
लखनऊ चार्टर्ड अकाउंटेंट सोसाइटी के पूर्व अध्यक्ष सीए पवन धवन ने कहा कि वर्तमान समय में प्रत्येक चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए इनकम टैक्स एक्ट 2025, अन्य विधिक संशोधनों तथा आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित तकनीकों को अपनाना अत्यंत आवश्यक है। उनका कहना था कि बदलते डिजिटल परिवेश में तकनीक और कानून की अद्यतन जानकारी ही पेशेवर सफलता की कुंजी है।
धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन
शैक्षणिक भ्रमण के समापन अवसर पर सीए हेमंत कुमार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के अध्ययन कार्यक्रम न केवल पेशेवर दक्षता बढ़ाते हैं, बल्कि चार्टर्ड अकाउंटेंट्स को भविष्य की चुनौतियों के लिए भी तैयार करते हैं।
इस शैक्षणिक भ्रमण को प्रतिभागियों ने ज्ञानवर्धक, उपयोगी और व्यावसायिक दृष्टि से अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विशेषज्ञों का मानना है कि नई कर व्यवस्था और एआई आधारित कार्यशैली को समझना आने वाले समय में प्रत्येक चार्टर्ड अकाउंटेंट के लिए अनिवार्य होता जाएगा।
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