लखनऊ/कानपुर। कानपुर-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर सड़क की गुणवत्ता को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बीच भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) ने बड़ा निर्णय लिया है। एक्सप्रेसवे के कुछ हिस्सों में सड़क धंसने और निर्माण संबंधी कमियों की शिकायतों के बाद प्राधिकरण ने मरम्मत कार्य पूरा होने तक टोल वसूली अस्थायी रूप से रोकने का फैसला किया है।
जानकारी के अनुसार, एक्सप्रेसवे के उद्घाटन के कुछ ही सप्ताह बाद कई स्थानों पर सड़क की सतह क्षतिग्रस्त होने और निर्माण गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे थे। स्थानीय लोगों और वाहन चालकों की शिकायतों के बाद मामले का संज्ञान लेते हुए NHAI ने तकनीकी जांच शुरू कराई।
प्राथमिक जांच में सामने आई अनियमितताओं के आधार पर संबंधित ठेकेदार, परियोजना से जुड़े इंजीनियरों तथा जिम्मेदार अधिकारियों के विरुद्ध कार्रवाई की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई है। साथ ही, दोषपूर्ण हिस्सों की मरम्मत युद्धस्तर पर कराए जाने के निर्देश दिए गए हैं।
NHAI का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी को ध्यान में रखते हुए मरम्मत कार्य पूरी गुणवत्ता और निर्धारित मानकों के अनुरूप कराया जाएगा। मरम्मत पूरी होने और सड़क की तकनीकी जांच में संतोषजनक पाए जाने के बाद ही टोल वसूली दोबारा शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा।
इस निर्णय से फिलहाल एक्सप्रेसवे का उपयोग करने वाले वाहन चालकों को टोल शुल्क से राहत मिलेगी, वहीं निर्माण कार्य की गुणवत्ता और परियोजनाओं की निगरानी को लेकर भी नई बहस शुरू हो गई है।
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