भारतीय पुरुष हॉकी टीम ने FIH प्रो लीग 2025-26 के लंदन लेग की शानदार शुरुआत करते हुए चिर प्रतिद्वंद्वी पाकिस्तान को 4-3 से हराकर यादगार जीत दर्ज की। यह मुकाबला आखिरी मिनट तक रोमांच से भरपूर रहा और दोनों टीमों ने शानदार प्रदर्शन किया।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी वाली भारतीय टीम ने शुरुआती झटके के बाद जबरदस्त वापसी करते हुए मुकाबले पर पकड़ बनाई और अंत तक अपनी बढ़त कायम रखी।
पहले क्वार्टर में पाकिस्तान ने बनाई बढ़त
मैच के शुरुआती मिनटों में भारत ने आक्रामक खेल दिखाया और गेंद पर नियंत्रण बनाए रखा। हालांकि खेल के बहाव के विपरीत पाकिस्तान ने पहले क्वार्टर के अंत में बढ़त हासिल कर ली।
पाकिस्तान के अहमद नदीम ने पेनल्टी कॉर्नर को गोल में बदलते हुए टीम को 1-0 की बढ़त दिला दी।
दूसरे क्वार्टर में भारत की शानदार वापसी
एक गोल से पिछड़ने के बाद भारतीय टीम ने अपनी गति और आक्रामकता बढ़ाई।
23वें मिनट में अभिषेक ने शानदार गोल दागकर स्कोर 1-1 से बराबर कर दिया। उन्होंने काउंटर अटैक के दौरान मिले मौके का बेहतरीन फायदा उठाया।
इसके ठीक एक मिनट बाद नीलाकांता शर्मा ने शानदार फिनिशिंग का प्रदर्शन करते हुए भारत को 2-1 की बढ़त दिला दी।
हाफ टाइम तक भारतीय टीम पूरी तरह मुकाबले पर नियंत्रण बनाती नजर आई।
तीसरे क्वार्टर में बढ़ी भारत की बढ़त
ब्रेक के बाद भी भारतीय टीम ने अपना दबदबा जारी रखा।
40वें मिनट में सुखजीत सिंह ने शानदार अटैकिंग मूव को गोल में बदलते हुए भारत का तीसरा गोल दागा।
इसके बाद अंतिम क्वार्टर में राजिंदर ने पेनल्टी कॉर्नर के जरिए चौथा गोल कर टीम की स्थिति और मजबूत कर दी।
उस समय ऐसा लग रहा था कि मुकाबला पूरी तरह भारत के पक्ष में जा चुका है।
पाकिस्तान ने आखिरी मिनटों में बढ़ाया रोमांच
हालांकि पाकिस्तान ने हार नहीं मानी।
मैच के अंतिम चरण में अबू ने एक गोल किया और फिर आखिरी मिनट में पाकिस्तान ने एक और गोल दागकर मुकाबले को बेहद रोमांचक बना दिया।
इसके बावजूद भारतीय टीम ने संयम बनाए रखा और 4-3 की बढ़त को अंत तक सुरक्षित रखने में सफलता हासिल की।
सीजन की तीसरी जीत
इस जीत के साथ भारत ने FIH प्रो लीग 2025-26 में अपनी तीसरी महत्वपूर्ण जीत दर्ज कर ली है।
विशेषज्ञों का मानना है कि टीम का संतुलित प्रदर्शन और युवा खिलाड़ियों का योगदान आने वाले मुकाबलों में भी अहम भूमिका निभा सकता है।
हरमनप्रीत सिंह की कप्तानी में मजबूत दिखी टीम
कप्तान हरमनप्रीत सिंह के नेतृत्व में भारतीय टीम ने दबाव की परिस्थितियों में शानदार संयम दिखाया।
डिफेंस और अटैक दोनों विभागों में टीम का प्रदर्शन प्रभावशाली रहा।
आगे की चुनौती
अब भारतीय टीम का लक्ष्य लंदन लेग के आगामी मुकाबलों में इसी लय को बरकरार रखना होगा।
फैंस को उम्मीद है कि टीम इसी तरह लगातार जीत हासिल कर प्रो लीग में अपनी स्थिति और मजबूत करेगी।
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