ब्रिक्स (BRICS) देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों और सुरक्षा प्रमुखों की दो दिवसीय महत्वपूर्ण बैठक शुरू हो गई है। इस बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval कर रहे हैं। बैठक में ब्रिक्स समूह के सभी 11 सदस्य देशों के प्रतिनिधि शामिल हुए हैं।
इस सम्मेलन में भारत, Brazil, China, Egypt, Ethiopia, Indonesia, Iran, Russia, Saudi Arabia, South Africa और United Arab Emirates के सुरक्षा प्रमुख हिस्सा ले रहे हैं।
डोभाल और वांग यी की मौजूदगी पर खास नजर
बैठक में चीन के वरिष्ठ नेता और विदेश मामलों के शीर्ष अधिकारी Wang Yi की मौजूदगी को बेहद अहम माना जा रहा है। भारत और चीन के बीच सीमा विवाद और रणनीतिक मुद्दों पर उच्च स्तरीय बातचीत में अजीत डोभाल और वांग यी की महत्वपूर्ण भूमिका रहती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों नेताओं की मौजूदगी द्विपक्षीय संबंधों के लिहाज से भी महत्वपूर्ण संकेत दे सकती है।
किन मुद्दों पर हो रही चर्चा?
यह बैठक दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर केंद्रित है। इसमें तेजी से बदलते सुरक्षा खतरों और नई तकनीकों से जुड़े जोखिमों पर विस्तार से चर्चा की जा रही है।
मुख्य एजेंडे में शामिल विषय:
साइबर सुरक्षा
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से जुड़े खतरे
डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर की सुरक्षा
सूचना एवं संचार तकनीक (ICT) सुरक्षा
आतंकवाद विरोधी सहयोग
उभरती वैश्विक सुरक्षा चुनौतियां
वेस्ट एशिया की स्थिति पर भी चर्चा
बैठक ऐसे समय में हो रही है जब पश्चिम एशिया में तनाव बना हुआ है। भारत और ईरान लगातार आपसी सहयोग बढ़ाने पर जोर दे रहे हैं और क्षेत्रीय स्थिरता से जुड़े मुद्दों पर चर्चा कर रहे हैं।
भारत की भूमिका होगी अहम
भारत 2026 में चौथी बार BRICS की अध्यक्षता कर रहा है। भारत की प्राथमिकताओं में लचीलापन, नवाचार, सहयोग और सतत विकास जैसे विषय शामिल हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह बैठक वैश्विक सुरक्षा ढांचे को मजबूत करने और सदस्य देशों के बीच सहयोग बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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