“तमिलनाडु की अगली सरकार… NDA की होगी!”
ये शब्द थे…
Narendra Modi के।
सीधी चुनौती DMK को
प्रधानमंत्री ने सत्तारूढ़ M. K. Stalin की पार्टी Dravida Munnetra Kazhagam पर तीखा हमला बोला।
उन्होंने कहा —
“कुछ लोग सत्ता में वापसी का सपना देख रहे हैं लेकिन ये सपना… दुःस्वप्न में बदल जाएगा।” भीड़ में तालियों की गूंज…और राजनीतिक तापमान… अचानक बढ़ गया।
चुनाव या निर्णायक मोड़?
पीएम मोदी ने आगामी विधानसभा चुनावों को “तमिलनाडु का निर्णायक मोड़” बताया।
उनका दावा — लोगों ने मन बना लिया है DMK को सत्ता से बाहर करना है और बदलाव केवल NDA ला सकता है। यहां NDA में Bharatiya Janata Party और All India Anna Dravida Munnetra Kazhagam का गठबंधन मुख्य भूमिका में है।
‘माफिया जैसी राजनीति’ का आरोप
मदुरै की धरती से प्रधानमंत्री ने आरोप लगाया — भ्रष्टाचार वंशवादी राजनीति और खराब अपशिष्ट प्रबंधन
उन्होंने कहा कि 2021 में 25 साल बाद पूर्ण बहुमत मिलने के बावजूद DMK सुशासन देने में विफल रही। क्या ये सिर्फ चुनावी बयान है? या जनता के भीतर वाकई गुस्सा है?
मदुरै और स्वच्छता का मुद्दा
पीएम ने दावा किया कि
मदुरै की राष्ट्रीय स्वच्छता रैंकिंग गिर गई है।
उन्होंने कहा —
“भ्रष्टाचार के कारण महापौर को इस्तीफा देना पड़ा।”
राजनीतिक मंच से उठे ये आरोप…
अब चुनावी मुद्दा बन चुके हैं।
मंदिर, आस्था और विवाद
आज सुबह पीएम मोदी ने
Arulmigu Subramanya Swamy Temple
में पूजा-अर्चना की।
उन्होंने कार्तिकई दीपम विवाद का भी जिक्र किया।
मद्रास हाईकोर्ट के फैसले का विरोध करने पर
DMK की आलोचना करते हुए उन्होंने कहा —
“सत्य और भगवान मुरुगन की जीत होगी।”
आस्था…
राजनीति…
और चुनाव…
क्या ये तीनों अब एक ही मंच पर आ चुके हैं?
अंतिम सवाल
तमिलनाडु की राजनीति दशकों से अलग राह पर चली है।
लेकिन क्या इस बार इतिहास बदलेगा?
क्या NDA वाकई दक्षिण में बड़ी जीत दर्ज करेगा?
या DMK फिर से सत्ता में लौटेगी?
मदुरै से उठी ये आवाज़ क्या पूरे तमिलनाडु में गूंजेगी?
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