“ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4”
Islamic Revolutionary Guard Corps यानी आईआरजीसी ने दावा किया है कि
“ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4” के तहत
अमेरिकी विमानवाहक पोत को निशाना बनाया गया।
सरकारी एजेंसी Islamic Republic News Agency के हवाले से कहा गया —
ये सिर्फ जवाब नहीं…
ये एक नया चरण है…
सैन्य टकराव का नया दौर।
लेकिन सवाल ये है…
क्या सच में दुनिया एक और बड़े युद्ध के दरवाज़े पर खड़ी है?
निशाने पर कौन था?
USS Abraham Lincoln
समंदर में चलता-फिरता हवाई अड्डा…
1 लाख टन से ज्यादा वजन…
करीब 5,000 से अधिक सैनिक…
60 से 70 लड़ाकू विमान…
1,092 फीट लंबा ये दैत्य…
न्यूक्लियर पावर से चलता है…
और 56 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से समंदर चीर सकता है।
लेकिन…
ये अकेला नहीं चलता।
इसके साथ चलता है पूरा “कैरियर स्ट्राइक ग्रुप”…
कैरियर स्ट्राइक ग्रुप
अरली बर्क श्रेणी के गाइडेड मिसाइल विध्वंसक
USS Spruance
USS Michael Murphy
USS Frank E. Petersen Jr.
ये जहाज़ सिर्फ सुरक्षा नहीं…
बल्कि हमला करने की भी पूरी ताकत रखते हैं।
आसमान से बरसती ताकत
इस पोत से उड़ान भरते हैं —
Boeing F/A-18E/F Super Hornet
Boeing EA-18G Growler
Lockheed Martin F-35C Lightning II
यानी…
जमीन…
समंदर…
और आसमान…
तीनों मोर्चों पर युद्ध करने में सक्षम।
लेकिन असली सवाल
अगर सच में चार बैलिस्टिक मिसाइलें दागी गईं तो क्या उन्हें रोका गया?
क्या वे अपने लक्ष्य तक पहुंचीं? या यह सिर्फ शक्ति प्रदर्शन था?
आईआरजीसी का कहना है —
“सैन्य टकराव का नया चरण शुरू हो चुका है।”
क्या ये बयान चेतावनी है?
या आने वाले बड़े तूफान का संकेत?
अंतिम शब्द
समंदर की गहराइयों में…
जहां सब कुछ शांत दिखता है…
वहीं सबसे बड़े तूफान जन्म लेते हैं।
क्या “ऑपरेशन ट्रू प्रॉमिस 4”
इतिहास का मोड़ साबित होगा?
या ये सिर्फ एक और रणनीतिक संदेश है?
आप क्या सोचते हैं?
क्या दुनिया तीसरे विश्व युद्ध के करीब है?
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