अगर आप खाद्य उत्पाद खरीदते समय पैकेट पर लिखे “Organic”, “Healthy”, “Zero Maida”, “True Vitamin” या “Vegan” जैसे दावों पर भरोसा करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद महत्वपूर्ण है। भारतीय खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण यानी FSSAI ने ऐसे कई उत्पादों और ब्रांड्स पर सख्त कार्रवाई शुरू की है, जिनके दावे उपभोक्ताओं को गुमराह करने वाले पाए गए हैं।
FSSAI ने खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 के तहत कई कंपनियों को नोटिस जारी करते हुए उनके ब्रांड नाम, उत्पादों के नाम और पैकेजिंग पर किए गए दावों पर आपत्ति जताई है। प्राधिकरण का कहना है कि कई कंपनियां ऐसे शब्दों का इस्तेमाल कर रही हैं, जिनकी आधिकारिक परिभाषा नहीं है या जिनके समर्थन में पर्याप्त प्रमाण मौजूद नहीं हैं।
नियामक के निशाने पर “Healthy”, “True Vitamin”, “Zero Maida”, “Organic” और “Vegan” जैसे दावे आए हैं। FSSAI का मानना है कि केवल आकर्षक शब्दों का उपयोग करके किसी उत्पाद को स्वास्थ्यवर्धक या बेहतर बताना उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकता है।
जांच के दायरे में आए उत्पादों में हेल्दी मास्टर, न्यूहर्ब्स ट्रू विटामिन, प्लान बी प्लांट बेस्ड वीगन, द हेल्थ फैक्टरी जीरो मैदा ब्रेड और पिज्जा बेस, ट्रूवी हेल्दी मिक्स वेजी चिप्स, हेल्दी रागी चिप्स, हेल्दी मूंग दाल चिप्स, ऑर्गेनिक विजडम, शाइन ऑर्गेनिक, टू ब्रदर्स ऑर्गेनिक फार्म्स, वर्ल्ड ऑफ ऑर्गेनिक, स्टोरिया जूस अनार और आयोटा वाटर जैसे कई उत्पाद शामिल हैं।
FSSAI के अनुसार, कुछ उत्पादों में “Zero Maida” का दावा किया गया है, जबकि उनमें गेहूं से जुड़े ऐसे तत्व मौजूद हैं जिन पर सवाल उठाए गए हैं। इसी तरह “True Vitamin” जैसे शब्दों को भी नियमों के अनुरूप नहीं माना गया है क्योंकि यह कोई आधिकारिक या मान्यता प्राप्त श्रेणी नहीं है।
वहीं, “Organic” नाम से बेचे जा रहे कुछ उत्पादों के पास जरूरी जैविक प्रमाणन और “Jaivik Bharat” चिन्ह नहीं पाए गए। ऐसे में इन उत्पादों के नाम और दावों को भी संभावित रूप से भ्रामक माना गया है।
स्टोरिया जूस अनार के मामले में भी FSSAI ने आपत्ति जताई है। प्राधिकरण का कहना है कि उत्पाद में अनार का सघन रस सीमित मात्रा में मौजूद है, जबकि नाम देखकर उपभोक्ता इसे पूरी तरह अनार का जूस समझ सकते हैं।
इसके अलावा “Vegan” और “Plant Based” जैसे दावों पर भी सवाल उठाए गए हैं। FSSAI का कहना है कि यदि किसी उत्पाद को संबंधित मानकों के तहत प्रमाणित नहीं किया गया है, तो ऐसे दावे उपभोक्ताओं को भ्रमित कर सकते हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि हाल के वर्षों में हेल्थ और ऑर्गेनिक प्रोडक्ट्स की मांग बढ़ने के साथ कई कंपनियां आकर्षक शब्दों का इस्तेमाल कर ग्राहकों को प्रभावित करने की कोशिश कर रही हैं। ऐसे में FSSAI की यह कार्रवाई खाद्य उत्पादों की लेबलिंग में पारदर्शिता लाने और उपभोक्ताओं को सही जानकारी उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।
फिलहाल, FSSAI ने संबंधित कंपनियों से जवाब मांगा है और आने वाले दिनों में नियमों के उल्लंघन पाए जाने पर आगे की कार्रवाई भी की जा सकती है।
![]()

