मां बनना हर महिला के जीवन का एक बेहद खास और भावनात्मक अनुभव होता है। हालांकि गर्भावस्था के दौरान शरीर में कई शारीरिक और हार्मोनल बदलाव होते हैं, जिनकी वजह से महिलाओं को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। जैसे-जैसे गर्भ में शिशु का विकास होता है, वैसे-वैसे पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों पर दबाव बढ़ने लगता है। ऐसे में डॉक्टर अक्सर गर्भवती महिलाओं को केगल एक्सरसाइज करने की सलाह देते हैं। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का मानना है कि सही तरीके से और डॉक्टर की सलाह के अनुसार की गई यह एक्सरसाइज गर्भावस्था और डिलीवरी दोनों के दौरान काफी फायदेमंद साबित हो सकती है।
केगल एक्सरसाइज एक ऐसी सरल लेकिन प्रभावी एक्सरसाइज है, जिसमें पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को सिकोड़ने और छोड़ने का अभ्यास किया जाता है। यही मांसपेशियां गर्भाशय, मूत्राशय और आंतों को सहारा देती हैं। गर्भावस्था के दौरान इन पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है, इसलिए इन्हें मजबूत बनाए रखना जरूरी माना जाता है। इस एक्सरसाइज को किसी विशेष उपकरण की जरूरत नहीं होती और इसे घर पर भी आसानी से किया जा सकता है, लेकिन इसे शुरू करने से पहले डॉक्टर या फिजियोथेरेपिस्ट की सलाह लेना जरूरी है।
प्रेग्नेंसी के दौरान कई महिलाओं को खांसने, छींकने, हंसने या भारी सामान उठाने पर अनजाने में यूरिन लीक होने की समस्या होती है, जिसे यूरिनरी इनकॉन्टिनेंस कहा जाता है। विशेषज्ञों के अनुसार केगल एक्सरसाइज पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों को मजबूत बनाकर इस समस्या को काफी हद तक कम करने में मदद कर सकती है। नियमित अभ्यास से मूत्राशय पर बेहतर नियंत्रण विकसित होता है और महिलाओं को अधिक आराम महसूस होता है।
केगल एक्सरसाइज को सामान्य प्रसव की तैयारी में भी सहायक माना जाता है। मजबूत पेल्विक मांसपेशियां डिलीवरी के दौरान शरीर को बेहतर सहयोग दे सकती हैं। हालांकि यह कहना सही नहीं होगा कि केवल केगल एक्सरसाइज करने से सामान्य प्रसव की गारंटी मिल जाती है। डिलीवरी का तरीका कई अन्य चिकित्सीय कारणों पर भी निर्भर करता है, इसलिए इस संबंध में अंतिम निर्णय डॉक्टर ही लेते हैं।
डिलीवरी के बाद शरीर को सामान्य स्थिति में लौटने में समय लगता है। विशेषज्ञों का मानना है कि जिन महिलाओं की पेल्विक मांसपेशियां पहले से मजबूत होती हैं, उनमें रिकवरी अपेक्षाकृत बेहतर हो सकती है। केगल एक्सरसाइज प्रसव के बाद पेल्विक फ्लोर को मजबूत बनाने और दैनिक गतिविधियों में जल्दी लौटने में भी सहायक मानी जाती है।
हालांकि केगल एक्सरसाइज हर गर्भवती महिला के लिए एक जैसी उपयुक्त नहीं होती। यदि गर्भावस्था में किसी प्रकार की जटिलता, रक्तस्राव, समय से पहले प्रसव का खतरा या अन्य चिकित्सीय समस्या हो, तो बिना डॉक्टर की सलाह के कोई भी एक्सरसाइज नहीं करनी चाहिए। इसलिए गर्भावस्था के दौरान किसी भी तरह का व्यायाम शुरू करने से पहले स्त्री रोग विशेषज्ञ या प्रशिक्षित फिजियोथेरेपिस्ट से सलाह लेना सबसे सुरक्षित विकल्प माना जाता है।
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