निवेशकों के हितों की सुरक्षा और वित्तीय विज्ञापनों में पारदर्शिता बढ़ाने के उद्देश्य से भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (SEBI) ने एक महत्वपूर्ण ड्राफ्ट प्रस्ताव जारी किया है। इस प्रस्ताव के तहत सोशल मीडिया पर वित्तीय उत्पादों और सेवाओं का प्रचार करने वाले बड़े इंफ्लुएंसर्स को भी नियामकीय दायरे में लाने की तैयारी की गई है।
प्रस्ताव के अनुसार, किसी एक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर 5 लाख या उससे अधिक फॉलोअर्स या सब्सक्राइबर्स रखने वाले इंफ्लुएंसर्स को “सेलिब्रिटी” की श्रेणी में शामिल किया जा सकता है। इसके बाद उन्हें वित्तीय उत्पादों और निवेश संबंधी विज्ञापनों के लिए वही नियम और जिम्मेदारियां निभानी होंगी, जो वर्तमान में फिल्मी सितारों और अन्य प्रसिद्ध हस्तियों पर लागू होती हैं।
सेबी का मानना है कि डिजिटल प्लेटफॉर्म पर करोड़ों लोग निवेश, म्यूचुअल फंड, शेयर बाजार और अन्य वित्तीय उत्पादों से जुड़ी जानकारी सोशल मीडिया के माध्यम से प्राप्त करते हैं। ऐसे में यदि कोई प्रभावशाली व्यक्ति किसी वित्तीय उत्पाद का प्रचार करता है, तो उसका सीधा असर निवेशकों के फैसलों पर पड़ सकता है। इसी वजह से जवाबदेही तय करना जरूरी हो गया है।
इस ड्राफ्ट में केवल सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स ही नहीं, बल्कि सेलिब्रिटी की परिभाषा को भी व्यापक बनाने का प्रस्ताव दिया गया है। सेबी ने सेलिब्रिटी की पहचान के लिए आठ अलग-अलग मानदंड सुझाए हैं। इनमें से किसी एक शर्त को पूरा करने वाला व्यक्ति या वर्चुअल कैरेक्टर भी इस श्रेणी में आ सकता है।
प्रस्ताव के अनुसार, प्रमुख फिल्मों, टीवी धारावाहिकों, वेब सीरीज या दूरदर्शन कार्यक्रमों में मुख्य भूमिका निभाने वाले कलाकारों को भी इस दायरे में शामिल किया जाएगा। इसके अलावा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले खिलाड़ी, जैसे ओलंपिक, एशियाई खेल, राष्ट्रमंडल खेल तथा अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट और कबड्डी प्रतियोगिताओं में हिस्सा लेने वाले खिलाड़ी भी इस श्रेणी में आएंगे।
सेबी ने समाचार प्रस्तुतकर्ताओं और विभिन्न टीवी कार्यक्रमों के एंकरों को भी इस प्रस्ताव में शामिल किया है। यदि किसी व्यक्ति ने कम से कम एक सीजन या दस एपिसोड तक किसी समाचार, क्विज़, डांस शो, सिंगिंग शो, कॉमेडी शो, कुकिंग शो या अवॉर्ड समारोह की मेजबानी की है, तो उसे भी सेलिब्रिटी माना जा सकता है।
इसके अलावा राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित लोकप्रियता सूचियों में शीर्ष 50 स्थान हासिल करने वाले लोगों को भी इस श्रेणी में शामिल करने का सुझाव दिया गया है। इससे पारंपरिक मीडिया और डिजिटल प्लेटफॉर्म दोनों के प्रभावशाली चेहरों पर समान नियम लागू किए जा सकेंगे।
ड्राफ्ट में एक और महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखा गया है। सेबी ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) से तैयार किए गए मानव जैसे दिखने वाले वर्चुअल इंफ्लुएंसर्स को भी सेलिब्रिटी की परिभाषा में शामिल करने की बात कही है। हाल के वर्षों में कई कंपनियां अपने उत्पादों और सेवाओं के प्रचार के लिए AI आधारित डिजिटल कैरेक्टर का इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में उन पर भी समान नियम लागू करने की तैयारी की जा रही है।
विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव को देखते हुए यह कदम निवेशकों के हितों की रक्षा के लिए महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो वित्तीय उत्पादों का प्रचार करने वाले इंफ्लुएंसर्स, कलाकारों, खिलाड़ियों और अन्य सार्वजनिक हस्तियों को अधिक पारदर्शिता और जिम्मेदारी के साथ विज्ञापन करना होगा।
फिलहाल यह एक ड्राफ्ट प्रस्ताव है और अंतिम नियम बनने से पहले इस पर संबंधित पक्षों से सुझाव और आपत्तियां आमंत्रित की जाएंगी। इसके बाद सेबी अंतिम नियमों की घोषणा करेगा। यदि प्रस्ताव लागू होता है, तो भारत में वित्तीय विज्ञापनों और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर्स की जवाबदेही के क्षेत्र में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।
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