गर्मियों के मौसम में चेहरे पर पिंपल्स और एक्ने की समस्या काफी आम हो जाती है। ऐसे में अक्सर लोग कहते हैं कि यह सब पेट की गर्मी की वजह से हो रहा है।
लेकिन क्या सच में पेट की गर्मी और चेहरे पर होने वाले पिंपल्स का कोई सीधा संबंध है? आज इसी सवाल का जवाब जानते हैं।
सबसे पहले यह समझना जरूरी है कि ‘पेट की गर्मी’ कोई मेडिकल टर्म नहीं है।
हालांकि, कुछ ऐसी स्थितियां जरूर हैं जो अप्रत्यक्ष रूप से आपकी त्वचा को प्रभावित कर सकती हैं।
विशेषज्ञों के अनुसार, खराब खानपान, डिहाइड्रेशन, पाचन संबंधी समस्याएं और शरीर में बढ़ी हुई सूजन जैसी स्थितियां एक्ने की समस्या को बढ़ा सकती हैं।
जब पाचन तंत्र सही तरीके से काम नहीं करता, तो शरीर में सूजन बढ़ सकती है और कुछ लोगों में इसका असर हार्मोनल संतुलन पर भी पड़ सकता है।
इसके कारण त्वचा की ऑयल यानी सीबम ग्रंथियां ज्यादा सक्रिय हो सकती हैं, जिससे रोमछिद्र यानी पोर्स बंद होने लगते हैं और पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है।
अब जानते हैं कि गर्मियों में एक्ने आखिर क्यों बढ़ जाता है।
पहला कारण है ज्यादा पसीना और ऑयल प्रोडक्शन।
गर्मी के मौसम में शरीर खुद को ठंडा रखने के लिए अधिक पसीना बनाता है। इसी दौरान त्वचा की तेल ग्रंथियां भी ज्यादा सक्रिय हो जाती हैं।
जब पसीना, धूल, तेल और बैक्टीरिया एक साथ मिल जाते हैं, तो पोर्स बंद होने लगते हैं और एक्ने विकसित हो सकता है।
दूसरा कारण है डिहाइड्रेशन।
अगर गर्मियों में पर्याप्त मात्रा में पानी नहीं पिया जाए, तो शरीर में पानी की कमी हो सकती है।
ऐसी स्थिति में त्वचा का प्राकृतिक संतुलन बिगड़ जाता है और कई बार शरीर इसकी भरपाई करने के लिए ज्यादा तेल बनाना शुरू कर देता है, जिससे पिंपल्स की समस्या बढ़ सकती है।
तीसरा कारण है तला-भुना और अत्यधिक मसालेदार भोजन।
जंक फूड, मीठे पेय पदार्थ और अत्यधिक प्रोसेस्ड फूड कुछ लोगों में सूजन बढ़ा सकते हैं, जिसका असर त्वचा पर भी दिखाई दे सकता है।
हालांकि, यह जरूरी नहीं कि हर व्यक्ति में इसका एक जैसा प्रभाव हो।
अगर आप गर्मियों में पिंपल्स से बचना चाहते हैं, तो कुछ आसान बातों का ध्यान रखें।
दिनभर पर्याप्त मात्रा में पानी पिएं।
चेहरा दिन में दो बार हल्के फेस वॉश से साफ करें।
बहुत ज्यादा ऑयली और जंक फूड का सेवन कम करें।
पसीना आने के बाद चेहरे को साफ रखें।
और अगर पिंपल्स लगातार बढ़ रहे हैं, दर्द हो रहा है या निशान पड़ रहे हैं, तो त्वचा रोग विशेषज्ञ यानी डर्मेटोलॉजिस्ट से सलाह जरूर लें।
एक जरूरी बात और।
‘पेट की गर्मी’ को पिंपल्स का एकमात्र कारण मान लेना सही नहीं है। इसके पीछे कई कारण हो सकते हैं, जिनमें हार्मोनल बदलाव, त्वचा का प्रकार, तनाव, नींद की कमी और लाइफस्टाइल भी शामिल हैं।
इसलिए सोशल मीडिया पर चल रहे घरेलू दावों पर आंख बंद करके भरोसा करने के बजाय सही जानकारी और विशेषज्ञ की सलाह को प्राथमिकता दें।
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