भीषण गर्मी के बीच बढ़ती बिजली मांग पर संघर्ष समिति का बड़ा बयान
लखनऊ। उत्तर प्रदेश में लगातार बढ़ रही गर्मी और रिकॉर्ड स्तर पर पहुंचती बिजली मांग के बीच विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने पावर कॉरपोरेशन प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संघर्ष समिति के केंद्रीय पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि प्रबंधन का कर्मचारियों और अभियंताओं के प्रति असहिष्णु रवैया तथा एकतरफा निर्णय प्रदेश की बिजली व्यवस्था को गंभीर संकट की ओर धकेल रहे हैं।
संघर्ष समिति ने स्पष्ट कहा कि आने वाले दिनों में तापमान और बढ़ेगा, जिससे बिजली की मांग में भी भारी इजाफा होगा। ऐसी स्थिति में यदि कर्मचारियों और अभियंताओं के साथ सकारात्मक संवाद स्थापित नहीं किया गया, तो प्रदेश में बिजली आपूर्ति व्यवस्था प्रभावित हो सकती है। समिति ने पावर कॉरपोरेशन के शीर्ष प्रबंधन और अध्यक्ष से तत्काल बातचीत शुरू करने तथा बिजली व्यवस्था को मजबूत करने के लिए संयुक्त कार्ययोजना तैयार करने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश में रिकॉर्ड बिजली आपूर्ति का दावा
संघर्ष समिति के नेताओं ने कहा कि उत्तर प्रदेश के बिजली कर्मचारी और अभियंता देश में सर्वाधिक विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने का लगातार रिकॉर्ड बना रहे हैं। कर्मचारियों की कार्यक्षमता, अनुभव और तकनीकी दक्षता के बावजूद प्रबंधन द्वारा उन्हें निर्णय प्रक्रिया में शामिल नहीं किया जा रहा है।
समिति ने आरोप लगाया कि वर्टिकल रिस्ट्रक्चरिंग जैसे फैसले बिना कर्मचारियों से चर्चा किए लागू किए गए। इसके साथ ही 20 से 25 वर्षों का अनुभव रखने वाले संविदा कर्मियों को कार्य से बाहर कर दिया गया, जिसका सीधा असर उपभोक्ता सेवाओं पर पड़ा है। संघर्ष समिति के अनुसार अब उपभोक्ताओं को यह तक स्पष्ट नहीं है कि उनकी शिकायतों का समाधान कौन करेगा।
लखनऊ समेत कई जिलों में बढ़ रहा जनता का आक्रोश
संघर्ष समिति ने कहा कि राजधानी लखनऊ सहित प्रदेश के कई हिस्सों में बिजली कटौती और अव्यवस्था को लेकर आम जनता में नाराजगी बढ़ रही है। नेताओं का दावा है कि हालात इतने गंभीर हो चुके हैं कि जनप्रतिनिधियों और विधायकों को भी ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखने और धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है।
समिति ने चेतावनी दी कि यदि समय रहते कर्मचारियों को विश्वास में लेकर प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भीषण गर्मी के दौरान प्रदेश की बिजली व्यवस्था पर गंभीर असर पड़ सकता है।
कर्मचारियों ने उत्पीड़न रोकने की उठाई मांग
संघर्ष समिति ने कहा कि बिजली कर्मचारी उपभोक्ताओं के हित में लगातार कार्य कर रहे हैं और प्रदेश में निर्बाध बिजली आपूर्ति बनाए रखने के लिए पूरी निष्ठा से जिम्मेदारी निभा रहे हैं। इसके बावजूद प्रबंधन सहयोग के बजाय उत्पीड़नात्मक कार्रवाई कर रहा है।
समिति ने मांग की कि कर्मचारियों और अभियंताओं के खिलाफ चल रही सभी दमनात्मक कार्यवाहियां तत्काल वापस ली जाएं और उपभोक्ताओं के हित में कर्मचारियों को विश्वास में लेकर निर्णय किए जाएं।
अनपरा ताप बिजलीघर में आयोजित हुई सभा
निजीकरण और कर्मचारियों के उत्पीड़न के विरोध में चल रहे जन-जागरण अभियान के तहत अनपरा ताप बिजलीघर में संघर्ष समिति की सभा आयोजित की गई। सभा को जितेंद्र सिंह गुर्जर, महेंद्र राय, मोहम्मद वसीम, माया शंकर तिवारी एवं विशंभर सिंह ने संबोधित किया।
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