अयोध्या राम मंदिर से जुड़े दान में कथित हेराफेरी के मामले में हुई आठ गिरफ्तारियों के बाद उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कड़ा संदेश दिया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार सनातन मूल्यों और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं करेगी और ऐसे मामलों में ज़ीरो टॉलरेंस की नीति पर काम किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि जैसे ही विशेष जांच दल यानी SIT की रिपोर्ट सरकार को मिली, उसके तुरंत बाद कार्रवाई शुरू कर दी गई। उन्होंने दोहराया कि सरकार पहले ही स्पष्ट कर चुकी थी कि अयोध्या से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या अनियमितता स्वीकार नहीं की जाएगी।
योगी आदित्यनाथ ने कहा कि सरकार ने लोगों से कहा था कि अयोध्या को लेकर चिंता करने की आवश्यकता नहीं है। उनके अनुसार, SIT की रिपोर्ट आने के बाद प्रशासन ने तत्काल कानूनी कार्रवाई शुरू की और आरोपों की जांच के आधार पर आवश्यक कदम उठाए गए।
मुख्यमंत्री ने कहा कि करोड़ों लोगों की धार्मिक आस्था से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की गड़बड़ी या विश्वास के दुरुपयोग को गंभीरता से लिया जाएगा। उन्होंने कहा कि जो लोग धार्मिक संस्थाओं का गलत इस्तेमाल करने या श्रद्धालुओं की भावनाओं को ठेस पहुंचाने का प्रयास करेंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
अपने संबोधन में मुख्यमंत्री ने अयोध्या को देश की सामूहिक आस्था का प्रतीक बताते हुए कहा कि इसकी गरिमा और पवित्रता बनाए रखना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि धार्मिक भावनाओं के साथ खिलवाड़ किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा।
इस दौरान मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। बिना किसी दल का नाम लिए उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल आज इस मुद्दे पर सवाल उठा रहे हैं, जबकि अतीत में वे राम मंदिर आंदोलन का विरोध करते रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ लोगों ने भगवान राम के अस्तित्व पर भी सवाल उठाए थे और राम जन्मभूमि से जुड़े मामलों में न्यायालय में विरोध दर्ज कराया था।
गौरतलब है कि यह पूरा मामला राम मंदिर में श्रद्धालुओं द्वारा दिए गए दान के कथित प्रबंधन और उसमें अनियमितताओं के आरोपों से जुड़ा है। इस मामले में जांच के बाद पुलिस ने आठ लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच एजेंसियां अब वित्तीय रिकॉर्ड, दस्तावेजों और अन्य साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं ताकि पूरे घटनाक्रम की सच्चाई सामने लाई जा सके।
सरकार का कहना है कि मामले की जांच पूरी पारदर्शिता के साथ की जा रही है और यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, इस मामले में अंतिम निष्कर्ष जांच और न्यायिक प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा।
फिलहाल अयोध्या राम मंदिर दान प्रकरण को लेकर प्रशासन सतर्क है और जांच एजेंसियां सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही हैं। सरकार ने स्पष्ट संकेत दिया है कि धार्मिक आस्था, श्रद्धालुओं के विश्वास और सार्वजनिक धन से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की अनियमितता पर सख्त रुख अपनाया जाएगा और दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाएगा।
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