उत्तर प्रदेश में बेमौसम बारिश, तेज आंधी और बिजली गिरने की घटनाओं ने भारी तबाही मचा दी है। प्रदेश के 22 जिलों में खराब मौसम के चलते अब तक 111 लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि 72 लोग घायल बताए जा रहे हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अधिकारियों को युद्धस्तर पर राहत और बचाव कार्य करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्व सचिव और राहत आयुक्त डॉ. हृषिकेश भास्कर यशोद के मुताबिक, पिछले 24 से 36 घंटों के दौरान आंधी, तूफान और बिजली गिरने से कई दर्दनाक हादसे हुए। सबसे ज्यादा मौतें मलबे और पेड़ों के नीचे दबने से हुई हैं। अधिकारियों के अनुसार, 107 लोगों की जान मलबा गिरने और पेड़ों के नीचे दबने से गई, जबकि चार लोगों की मौत बिजली गिरने की वजह से हुई।
प्रदेश सरकार ने सभी जिला प्रशासन को तत्काल राहत कार्य तेज करने के आदेश दिए हैं। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा है कि प्रभावित परिवारों को सरकारी मानकों के अनुसार जल्द से जल्द आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जाए। साथ ही घायलों के इलाज में किसी प्रकार की लापरवाही न बरती जाए।
आपदा के चलते प्रदेश में भारी संपत्ति नुकसान भी हुआ है। प्रशासन के अनुसार, करीब 227 घर आंशिक या पूरी तरह क्षतिग्रस्त हुए हैं। इसके अलावा 170 छोटे और बड़े पशुओं की भी मौत हुई है। कई जिलों में बिजली आपूर्ति और यातायात व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे आम जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है।
राहत आयुक्त कार्यालय लगातार सभी जिलों की स्थिति पर नजर बनाए हुए है। जिला मजिस्ट्रेटों को निर्देश दिए गए हैं कि राहत और बचाव कार्यों में तेजी लाई जाए और प्रभावित लोगों तक हर संभव मदद पहुंचाई जाए। राज्य सरकार की आपातकालीन हेल्पलाइन 1070 पर लगातार कॉल आ रही हैं, जिन पर तत्काल कार्रवाई की जा रही है।
मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक कई इलाकों में तेज हवाओं और बारिश की संभावना जताई है। प्रशासन ने लोगों से खराब मौसम के दौरान घरों में सुरक्षित रहने और पेड़ों तथा कमजोर भवनों से दूर रहने की अपील की है।
प्रदेश में आई इस प्राकृतिक आपदा ने कई परिवारों को गहरे सदमे में डाल दिया है। सरकार और प्रशासन राहत कार्यों में जुटा हुआ है, ताकि प्रभावित लोगों को जल्द राहत मिल सके।
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