राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में भीषण गर्मी और बढ़ती उमस ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। शनिवार को शहर का हीट इंडेक्स यानी ‘रियल फील’ तापमान 51.3 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया, जो इस सीजन के सबसे अधिक दर्ज किए गए स्तरों में शामिल है। तेज धूप और हवा में अधिक नमी के कारण लोगों को वास्तविक तापमान से कहीं अधिक गर्मी महसूस हुई, जिससे सामान्य जनजीवन भी प्रभावित हुआ।
भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के अनुसार, दिल्ली का अधिकतम तापमान लगभग 41 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया गया, लेकिन उमस अधिक होने के कारण गर्मी का असर कहीं ज्यादा महसूस हुआ। मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि हीट इंडेक्स शरीर द्वारा महसूस किए जाने वाले तापमान को दर्शाता है, जो तापमान और आर्द्रता दोनों पर निर्भर करता है।
मौसम विभाग के वैज्ञानिक अखिल श्रीवास्तव ने बताया कि दिल्ली-एनसीआर के कई हिस्सों में फिलहाल गर्म और उमस भरा मौसम बना रह सकता है। उन्होंने कहा कि हरियाणा और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कई क्षेत्रों में भी इसी तरह की परिस्थितियां देखने को मिल सकती हैं। हालांकि अगले दिन से तापमान में हल्की गिरावट आने की संभावना जताई गई है, जिससे लोगों को कुछ राहत मिल सकती है।
इस बीच सप्ताहांत में बारिश और तेज हवाओं की संभावना जताई गई थी, लेकिन अपेक्षित वर्षा नहीं होने से उमस और अधिक बढ़ गई। बारिश नहीं होने के कारण वातावरण में नमी बनी रही, जिससे लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ा। मौसम विभाग के अनुसार, वेट-बल्ब तापमान भी उच्च स्तर पर दर्ज किया गया, जो शरीर पर अतिरिक्त गर्मी का दबाव बढ़ा सकता है।
मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, दिनभर हवा में आर्द्रता का स्तर लगभग 35 प्रतिशत से 63 प्रतिशत के बीच बना रहा। आने वाले कुछ दिनों तक नमी का स्तर ऊंचा रहने की संभावना है। ऐसे में भले ही अधिकतम तापमान में थोड़ी कमी आए, लेकिन उमस के कारण लोगों को गर्मी का एहसास लगातार बना रह सकता है।
स्वास्थ्य विशेषज्ञ इस तरह के मौसम में लोगों को पर्याप्त मात्रा में पानी पीने, धूप में लंबे समय तक रहने से बचने, हल्के रंग के सूती कपड़े पहनने और दोपहर के समय अनावश्यक रूप से बाहर न निकलने की सलाह दे रहे हैं। बच्चों, बुजुर्गों और पहले से बीमार लोगों को विशेष सावधानी बरतने की जरूरत है।
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