आईवियर और चश्मा रिटेल सेक्टर की दिग्गज कंपनी Lenskart ने वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही के नतीजे जारी कर दिए हैं। कंपनी का शुद्ध मुनाफा भले ही पिछले साल के मुकाबले थोड़ा कम हुआ हो, लेकिन राजस्व और बिक्री वृद्धि ने बाजार को प्रभावित किया है। लेंसकार्ट का प्रदर्शन यह दिखाता है कि भारत में प्रीमियम आईवियर और ओम्नी-चैनल रिटेल की मांग तेजी से बढ़ रही है।
कंपनी के अनुसार, 31 मार्च 2026 को समाप्त चौथी तिमाही में उसका एकीकृत शुद्ध लाभ 7.5 प्रतिशत घटकर 203.6 करोड़ रुपये रह गया। पिछले वर्ष की समान तिमाही में कंपनी ने 220.1 करोड़ रुपये का मुनाफा दर्ज किया था। हालांकि, मुनाफे में गिरावट के बावजूद कंपनी की कुल आय में जबरदस्त बढ़ोतरी देखने को मिली।
मार्च तिमाही में लेंसकार्ट की परिचालन आय 45.62 प्रतिशत बढ़कर करीब 2,516 करोड़ रुपये पहुंच गई, जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि में यह 1,728 करोड़ रुपये थी। यह बढ़ोतरी कंपनी की मजबूत बिक्री, बढ़ती ग्राहक संख्या और नए स्टोर विस्तार रणनीति का परिणाम मानी जा रही है।
विशेषज्ञों का कहना है कि लेंसकार्ट ने ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों प्लेटफॉर्म पर अपनी पकड़ मजबूत की है। भारत में डिजिटल खरीदारी के बढ़ते ट्रेंड और फैशन आईवियर की मांग ने कंपनी को बड़ा फायदा पहुंचाया है। कंपनी ने प्रीमियम सेगमेंट में भी अपनी स्थिति मजबूत की है, जिससे औसत बिक्री मूल्य यानी ASP में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज हुई।
लेंसकार्ट ने बताया कि भारत में उसकी औसत बिक्री कीमत (ASP) सालाना आधार पर 15.9 प्रतिशत बढ़कर 1,865 रुपये हो गई। इसका मतलब है कि ग्राहक अब ज्यादा प्रीमियम और महंगे उत्पाद खरीद रहे हैं। कंपनी के लिए यह सकारात्मक संकेत माना जा रहा है, क्योंकि इससे प्रति ग्राहक राजस्व में बढ़ोतरी होती है।
स्टोर विस्तार के मामले में भी कंपनी ने बड़ा रिकॉर्ड बनाया है। वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान लेंसकार्ट ने भारत में 542 नए स्टोर खोले, जबकि पिछले वित्त वर्ष में यह संख्या 282 थी। यानी कंपनी ने एक साल में लगभग दोगुनी रफ्तार से अपने रिटेल नेटवर्क का विस्तार किया है।
मार्केट एक्सपर्ट्स का मानना है कि कंपनी का फोकस अब टियर-2 और टियर-3 शहरों में तेजी से विस्तार करने पर है। छोटे शहरों में बढ़ती आय, फैशन जागरूकता और डिजिटल पहुंच लेंसकार्ट के लिए नए अवसर पैदा कर रही है।
हालांकि मुनाफे में गिरावट को लेकर कुछ निवेशकों ने चिंता जताई है, लेकिन कंपनी की मजबूत राजस्व वृद्धि और आक्रामक विस्तार रणनीति भविष्य के लिए सकारात्मक संकेत मानी जा रही है। विश्लेषकों के मुताबिक, फिलहाल कंपनी ग्रोथ पर ज्यादा निवेश कर रही है, जिसकी वजह से अल्पकालिक मुनाफे पर दबाव देखा जा सकता है।
आईवियर बाजार में बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बावजूद लेंसकार्ट लगातार अपनी स्थिति मजबूत कर रही है। कंपनी टेक्नोलॉजी आधारित रिटेल मॉडल, होम आई टेस्टिंग और तेज डिलीवरी जैसी सुविधाओं के जरिए ग्राहकों को आकर्षित कर रही है।
कुल मिलाकर, लेंसकार्ट के तिमाही नतीजे यह संकेत देते हैं कि कंपनी भारत के तेजी से बढ़ते आईवियर बाजार में मजबूत पकड़ बनाए हुए है और आने वाले समय में इसकी ग्रोथ जारी रह सकती है।
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