Wednesday, May 20, 2026
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India-Italy Special Strategic Partnership: Rome में Modi-Meloni की मुलाकात ने दुनिया को चौंकाया

प्रधानमंत्री Narendra Modi की पांच देशों की कूटनीतिक यात्रा का अंतिम चरण इटली की राजधानी रोम में ऐतिहासिक साबित हुआ। यहां प्रधानमंत्री मोदी और इटली की प्रधानमंत्री Giorgia Meloni के बीच हुई उच्चस्तरीय वार्ता के बाद भारत और इटली ने अपने संबंधों को “स्पेशल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” यानी विशेष रणनीतिक साझेदारी के नए स्तर पर ले जाने की घोषणा की।

रोम में संयुक्त प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि रोम को दुनिया में “अनंत शहर” कहा जाता है, जबकि उनकी लोकसभा सीट काशी भी हजारों वर्षों की सभ्यता और संस्कृति का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब दो प्राचीन सभ्यताएं मिलती हैं, तो केवल औपचारिक बातचीत नहीं होती, बल्कि इतिहास, विश्वास और भविष्य की नई संभावनाएं भी साथ आती हैं।

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत और इटली के रिश्ते अब केवल पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं हैं, बल्कि साझा मूल्यों, लोकतंत्र और वैश्विक स्थिरता के आधार पर आगे बढ़ रहे हैं। वहीं प्रधानमंत्री जॉर्जिया मेलोनी ने इस यात्रा को “ऐतिहासिक” बताते हुए कहा कि वर्ष 2000 के बाद यह किसी भारतीय प्रधानमंत्री की पहली द्विपक्षीय इटली यात्रा है। उन्होंने कहा कि इससे दोनों देशों के रिश्तों को नई गति मिली है।

दोनों देशों के बीच रक्षा, समुद्री सुरक्षा, रणनीतिक प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, आपूर्ति श्रृंखला और उन्नत विनिर्माण जैसे क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर सहमति बनी है। संयुक्त बयान में कहा गया कि भारत और इटली आतंकवाद, साइबर अपराध, मानव तस्करी, अंतरराष्ट्रीय अपराध नेटवर्क और मादक पदार्थों की तस्करी जैसी वैश्विक चुनौतियों से मिलकर निपटेंगे।

प्रधानमंत्री मोदी ने इटली के राष्ट्रपति Sergio Mattarella के साथ भी प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता की। इस दौरान व्यापार, रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, नवाचार और संयुक्त रणनीतिक कार्य योजना 2025-2029 पर चर्चा हुई। दोनों देशों ने दीर्घकालिक साझेदारी को और मजबूत करने का संकल्प दोहराया।

भारत और इटली ने “मेक इन इंडिया” और “मेड इन इटली” पहलों के बीच स्वाभाविक तालमेल पर भी जोर दिया। नेताओं ने कहा कि इटली की उन्नत डिजाइन और विनिर्माण क्षमता को भारत की इंजीनियरिंग प्रतिभा और तेजी से बढ़ती अर्थव्यवस्था के साथ जोड़कर नई औद्योगिक साझेदारी विकसित की जाएगी।

दोनों देशों ने 2029 तक द्विपक्षीय व्यापार को 20 अरब यूरो से आगे ले जाने का लक्ष्य तय किया है। रक्षा, अंतरिक्ष, मशीनरी, वाहन कलपुर्जे, फार्मा, रसायन, वस्त्र, कृषि आधारित उद्योग और पर्यटन को सहयोग के प्रमुख क्षेत्र माना गया है। वर्तमान में एक हजार से अधिक भारतीय और इतालवी कंपनियां दोनों देशों में सक्रिय हैं।

इटली में भारत की राजदूत Vani Rao ने कहा कि यह यात्रा दोनों देशों के गहरे होते रिश्तों का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि भारत चाहता है कि इतालवी कंपनियां देश को केवल बाजार नहीं बल्कि रणनीतिक साझेदार के रूप में देखें।

प्रधानमंत्री मोदी की इस यात्रा के दौरान रोम में भारतीय समुदाय ने उनका भव्य स्वागत किया। प्रधानमंत्री ने बच्चों से मुलाकात की, सांस्कृतिक कार्यक्रमों में हिस्सा लिया और इतालवी कलाकारों द्वारा भारतीय संस्कृति पर आधारित प्रस्तुतियां भी देखीं। प्रधानमंत्री मोदी और जॉर्जिया मेलोनी ने रोम के ऐतिहासिक Colosseum का दौरा भी किया।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह यात्रा भारत की वैश्विक रणनीतिक भूमिका को मजबूत करने की दिशा में बड़ा कदम साबित हो सकती है। खासतौर पर यूरोप में भारत की बढ़ती मौजूदगी और आर्थिक साझेदारी को इससे नई मजबूती मिलने की उम्मीद है।

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