लखनऊ। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के अलीगंज इलाके में सोमवार को एक तीन मंजिला व्यावसायिक इमारत में हुए भीषण अग्निकांड में कम से कम 15 लोगों की मौत हो गई, जबकि सात अन्य लोग घायल हो गए। घटना के बाद मुख्यमंत्री Yogi Adityanath ने अपना अलीगढ़ दौरा बीच में छोड़कर लखनऊ पहुंचकर घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवारों से मुलाकात की।
मुख्यमंत्री ने इस दर्दनाक हादसे की गहन जांच के आदेश देते हुए कहा कि मामले की तह तक जाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने पुलिस महानिदेशक और गृह विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों को विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश भी दिए।
मुआवजे का ऐलान
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मृतकों के परिजनों को 5-5 लाख रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है। इसके अलावा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने और उनके समुचित इलाज व पुनर्वास की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।
KGMU ने दी जानकारी
King George’s Medical University (KGMU) के मेडिकल सुपरिटेंडेंट प्रेम राज सिंह ने बताया कि अस्पताल लाए जाने से पहले ही 15 लोगों की मौत हो चुकी थी। शवों को पोस्टमार्टम के लिए मॉर्चरी भेज दिया गया है।
उन्होंने बताया कि 7 से 8 अन्य लोगों को भी अस्पताल लाया गया था, जिनमें से कुछ को मामूली चोटें आई हैं। एक युवक की रीढ़ की हड्डी में चोट है, जबकि एक युवती के पैर में चोट आई है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, अधिकांश मौतें दम घुटने की वजह से हुई हैं।
कई वरिष्ठ अधिकारी पहुंचे मौके पर
घटना की सूचना मिलते ही उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak, गृह विभाग के प्रमुख सचिव संजय प्रसाद और पुलिस महानिदेशक राजीव कृष्ण मौके पर पहुंचे और राहत एवं बचाव कार्य की निगरानी की।
यह हादसा अलीगंज थाना क्षेत्र में उषा मेहता मार्ग स्थित एक व्यावसायिक इमारत में सोमवार दोपहर करीब तीन बजे हुआ। आग पर काबू पाने के लिए कई दमकल वाहनों और हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मशीनों को लगाया गया।
प्रधानमंत्री मोदी ने भी जताया दुख
Narendra Modi ने घटना पर शोक व्यक्त करते हुए प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष (PMNRF) से मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता राशि देने की घोषणा की है।
विपक्षी नेताओं ने भी जताया दुख
सपा प्रमुख Akhilesh Yadav ने हादसे की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए।
वहीं Mayawati ने इसे बेहद दुखद बताते हुए कहा कि ऐसी घटनाएं कई परिवारों की उम्मीदों को तोड़ देती हैं और इनकी रोकथाम के लिए सभी पक्षों को मिलकर काम करना होगा।
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