नई दिल्ली, 15 फरवरी 2026।
NEYP 2026 पर्यावरण संसद का सफल आयोजन 14–15 फरवरी को किया गया, जिसमें देशभर के 124 विश्वविद्यालयों से 177 प्रतिनिधियों ने ‘पर्यावरण सांसद’ के रूप में सहभागिता की। इस दो दिवसीय राष्ट्रीय कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को संसदीय लोकतंत्र की प्रक्रिया से परिचित कराना और जलवायु शासन पर सार्थक विमर्श को बढ़ावा देना था।
कार्यक्रम के पहले दिन मॉक सत्र आयोजित किया गया, जबकि दूसरे दिन संसद का संचालन दो औपचारिक सत्रों में किया गया। इस अवसर पर राहुल नार्वेकर विशेष रूप से उपस्थित रहे और युवाओं को संबोधित किया।
प्रथम सत्र: पंच-परिवर्तन और जलवायु शासन पर विचार-विमर्श
पहले सत्र का विषय था — “पंच-परिवर्तन और जलवायु शासन: आधुनिक नीतिगत ढाँचों में भारत की पारिस्थितिक बुद्धिमत्ता का पुनर्जीवन”। इस सत्र में वक्ताओं और प्रतिनिधियों ने भारतीय परंपरा, नीतिगत नवाचार और सतत विकास के समन्वय पर गहन चर्चा की। युवाओं ने जलवायु नीति, हरित अर्थव्यवस्था और स्थानीय भागीदारी जैसे विषयों पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
द्वितीय सत्र: COP30 और भारत की वैश्विक भूमिका
दूसरे सत्र में “COP30 में भारत और विश्व: क्या भारतीय सभ्यता के शाश्वत मूल्य वैश्विक जलवायु के लिए नैतिक नेतृत्व को दिशा दे सकते हैं?” विषय पर चर्चा हुई। प्रतिभागियों ने वैश्विक जलवायु नीति में भारत की भूमिका, नैतिक नेतृत्व और सतत विकास के भारतीय दृष्टिकोण पर सारगर्भित विचार रखे।
राहुल नार्वेकर ने युवाओं की सराहना की
मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित राहुल नार्वेकर ने कहा कि विकासार्थ विद्यार्थी द्वारा आयोजित पर्यावरण संसद एक सराहनीय पहल है। उन्होंने कहा कि समाज के समक्ष लोकतंत्र की सर्वोत्तम और प्रभावी व्यवस्था संसद है, और मॉक पार्लियामेंट का आयोजन युवाओं को संसदीय परंपराओं से जोड़ने का सशक्त माध्यम है।
उन्होंने यह भी कहा कि आगामी सत्र में वे विधानसभा के सभी सदस्यों को इस कार्यक्रम में आमंत्रित करने का प्रयास करेंगे, ताकि वे स्वयं आकर युवाओं की कार्यवाही देख सकें। सत्र के अनुशासन और अध्यक्षीय निर्देशों के पालन की उन्होंने विशेष प्रशंसा की तथा विश्वास व्यक्त किया कि विद्यार्थी भविष्य में संसदीय लोकतंत्र को सशक्त बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
समापन सत्र: प्रकृति संरक्षण का संदेश
समापन सत्र में मुख्य अतिथि के रूप में जनार्दनपंथ बोथे उपस्थित रहे। उन्होंने सेवा और समर्पण के माध्यम से प्रकृति संरक्षण को आगे बढ़ाने का आह्वान किया और युवाओं को पर्यावरण संरक्षण के लिए सक्रिय भूमिका निभाने की प्रेरणा दी।
अवध प्रांत की भागीदारी और पुरस्कार
अवध प्रांत की ओर से विकासार्थ विद्यार्थी के संयोजक शाश्वत अवस्थी, सह-संयोजक शांडिल्य सूरज त्रिपाठी, अंशिता सिंह और मानवेंद्र सिंह ने कार्यक्रम में प्रतिनिधित्व किया।
पुरस्कार वितरण समारोह में
-
इंटिग्रल विश्वविद्यालय के अम्बुज राय को बेस्ट प्राइम मिनिस्टर अवार्ड से सम्मानित किया गया।
-
लखनऊ विश्वविद्यालय के उत्कर्ष सिंह को बेस्ट पार्लियामेंट्री रूलिंग पार्टी अवार्ड प्रदान किया गया।
युवाओं के लिए लोकतांत्रिक मंच
NEYP 2026 पर्यावरण संसद ने देशभर के युवाओं को एक ऐसा मंच प्रदान किया, जहाँ उन्होंने संसदीय प्रक्रिया, नीति-निर्माण और पर्यावरणीय नेतृत्व के विषय में व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया। यह आयोजन न केवल जलवायु जागरूकता को सुदृढ़ करता है, बल्कि युवाओं में लोकतांत्रिक मूल्यों और जिम्मेदारी की भावना को भी सशक्त बनाता है।
![]()

